जैन धर्म
SSC Exams
⬥ महावीर नेघर छोड़ दिया और ज्ञान की तलाश में जंगल मेंरहनेलगेथे - तीस वर्षकी आयुमें
⬥ जैन धर्मके अंतिम और 24वेंतीर्थंकर थे - वर्धमान महावीर तीर्थंकर और प्रतीक
|
नंबर |
तीर्थंकर |
प्रतीक |
|
1 |
ऋषभनाथ |
साँड़ |
|
2 |
अजितनाथ |
हाथी |
|
3 |
सम्भवनाथ |
घोड़ा |
|
4 |
अभिनंदननाथ |
बंदर |
|
5 |
सुमतिनाथ |
करलव |
|
6 |
पद्मप्रभा |
लाल कमल |
|
7 |
सुपार्श्वनाथ |
स्वस्तिक |
|
8 |
चंद्रप्रभा |
वर्धमान चाँद |
|
9 |
पुष्पदंत |
डॉल्फिन |
|
10 |
शीतलनाथ |
कल्पवृक्ष |
|
11 |
श्रेयांसनाथ |
गरुड़ |
|
12 |
वासुपूज्य |
भैंस |
|
13 |
विमलनाथ |
सूअर |
|
14 |
अनंतनाथ |
भालू |
|
15 |
धर्मनाथ |
वज्र |
|
16 |
शांतिनाथ |
हिरन |
|
17 |
कुं थुनाथ |
बकरी |
|
18 |
अरनाथ |
मछली |
|
19 |
मल्लिनाथ |
कलश |
|
20 |
मुनिसुव्रत |
कछुआ |
|
21 |
नमिनाथ |
नीलकमल |
|
22 |
नेमिनाथ |
शंख |
|
23 |
पार्श्वनाथ |
साँप |
|
24 |
महावीर |
शेर |
⬥ जैन धर्मके प्रथम तीर्थंकर थे - ऋषभदेव
⬥ वर्धमान महावीर का जन्म छठी शताब्दी ईसा पूर्व मेंहुआ था - कुं डग्राम, वैशाली (बिहार) में
⬥ वर्धमान महावीर संबंधित थे - इक्ष्वाकुवंश से
⬥ प्रथम जैन तीर्थंकर ऋषभनाथ का जन्म हुआ था - अयोध्या में
⬥ पट्टदकल मेंजैन मंदिर का निर्माण किया गया था - राष्ट्रकूट द्वारा
⬥ जैनियोंके अंतिम तीर्थंकर थे - वर्धमान महावीर
⬥ महावीर घर छोड़ कर जंगल मेंरहनेचलेगयेथे - 30 वर्षकी आयुमें
⬥ भगवान महावीर को मोक्ष की प्राप्ति हुई थी - पावापुरी में
⬥ प्रथम और चतुर्थजैन तीर्थंकर का जन्मस्थान था - अयोध्या
Railway Exams
⬥ जैन धर्ममें 'जैन' शब्द की उत्पत्ति संस्कृत शब्द 'जिन' सेहुई हैजिसका अर्थहोता है - विजेता
⬥ जैन धर्मसेसंबंधित जल मंदिर का निर्माण करवाया था - राजा नंदिवर्धन ने
⬥ दिगंबर संप्रदाय संबंधित है - जैन धर्मसे
⬥ जैन धर्ममेंअहिंसा का वर्णन करनेवाला 'आगम' है - सूत्रक्रतांग सूत्र
⬥ जैन धर्मके 24वेंतीर्थंकर थे - वर्धमान महावीर
⬥ स्वामी महावीर का जन्म हुआ था - कुं डग्राम (वैशाली) में
⬥ महावीर और उनके अनुयायियोंकी शिक्षाएँ लगभग 1500 वर्षपूर्वलिखी गई थीं - वल्लभी (गुजरात) में
⬥ जैन धर्मके प्रथम तीर्थंकर थे - ऋषभदेव
⬥ नवकार मंत्र, सार्वभौमिक प्रार्थना है - जैनियोंकी
⬥ जब कोई तीर्थंकर नश्वर शरीर त्यागता हैतो उसे कहा जाता है - निर्वाण
⬥ जैन धर्ममेंकुल तीर्थंकर थे - 24
⬥ कन्नड मेंजैन मठवासी प्रतिष्ठानोंको कहा जाता है - बसदी
⬥ सम्यक आस्था (सम्यक दर्शन), सम्यक ज्ञान, सम्यक कर्म (सम्यक चरित्र) हैं- जैन धर्मके त्रिरत्न
Police Exams
⬥ जैन धर्मके 24वेंतीर्थंकर थे - वर्धमान महावीर
⬥ महावीर के पिता सिद्धार्थमुखिया थे - ज्ञातृक क्षत्रिय कुल के
⬥ जैन धर्मके 24वेंऔर अंतिम तीर्थंकर वर्धमान महावीर का जन्म छठी शताब्दी ईसा पूर्व हुआ था - बिहार के वैशाली में
⬥ दिगंबर (आकाश ही जिसका वस्त्र हो) संप्रदाय और श्वेतांबर (श्वेत वस्त्र धारी) दो संप्रदाय हैं - जैन धर्म
⬥ जैन धर्मके 23वेंतीर्थंकर थे - पार्श्वनाथ
⬥ जैन संस्थाओंको सौंपी गई भूमिका का वर्णन चोल शिलालेखोंमेंकिया गया है - पल्लिच्छंदम के रूप में
⬥ जैन विद्वान मेरुतुंगा ने 'प्रबंध चिंतामणि' का संकलन किया था - 1304 ई. में
⬥ कल्पसूत्र एक जैन ग्रंथ हैजिसमेंजैन तीर्थंकरोंकी जीवनी है , विशेष रूप से - पार्श्वनाथ और महावीर की
⬥ त्रिरत्न (तीन रत्न) दियेगए थे - महावीर द्वारा ⬥ 'सम्यक दर्शन', 'सम्यक ज्ञान' और 'सम्यक चरित्र' त्रिरत्न हैं - जैन धर्मके
⬥ जैन गुरुओंया शिक्षकोंको कहा जाता था - तीर्थंकर
⬥ अग्नि मंदिर पूजा स्थल हैं - पारसियोंके लिए ⬥ श्रवणबेलगोला स्थित है - कर्नाटक में
⬥ जैन धर्मके प्रथम तीर्थंकर थे - ऋषभनाथ
⬥ हथेली पर चक्र के साथ हाथ अहिंसा का प्रतीक है - जैन धर्ममें
Defence Exams
⬥ महावीर का प्रतीक था - सिंह
⬥ जैन तीर्थंकर पार्श्वनाथ का संबंध था - वाराणसी से
⬥ पार्श्वनाथ की शिक्षाएँसंगृहीत रूप सेजानी जाती है - चातुर्याम नाम से
⬥ अणुव्रत सिद्धांत का प्रतिपादन किया गया था - जैन धर्मद्वारा
⬥'जियो और जीनेदो' का नारा दिया था - महावीर स्वामी ने
⬥ प्राचीन भारत मेंएक जैन साधुका जीवन कितनी प्रतिज्ञाओंसेअनुशासित था - पाँच
⬥ जैन धर्ममें 'पूर्णज्ञान' के लिए शब्द है - जिन
⬥ स्याद्वाद सिद्धान्त है - जैन धर्मका
⬥ जैन धर्ममेंकर्मपरमाणुओंके पूर्णविनाश को इंगित करनेकी अवस्था को कहा गया है - निर्जरा
⬥ समाधि मरण' संबंधित है - जैन दर्शन से
⬥ जैन धर्ममेंउपवास द्वारा प्राण त्याग को कहा जाता है - 'संलेखना '
⬥ श्रवणबेलगोला स्थित है - कर्नाटक में
⬥ जैन कल्पसूत्र की रचना की थी - भद्रबाहु ने
⬥ प्रारंभिक जैन धर्मका इतिहास मिलता है - कल्पसूत्र में
⬥ पूर्वधार्मिक ग्रंथ हैं - जैनो के
⬥ वह स्थान जहाँअंततः जैन ग्रंथोंका संकलन हुआ था - वल्लभी
⬥ प्रारंभिक जैन महाकाव्य लिखेगए थे - अर्धमागधी भाषा में
⬥ जैन आगम लिखेगए थे - प्राकृत भाषा में
⬥ कुर्चक एक संप्रदाय था - जैन धर्मका
⬥ यापनीय संघ का संबंध है - जैन धर्मसे
State PCS Exams
⬥ प्रथम जैन तीर्थंकर, ऋषभनाथ नेनिर्वाण या मोक्ष प्राप्त किया - अष्टापद (कैलाश पर्वत) में
⬥ अंतिम जैन तीर्थंकर, महावीर नेनिर्वाण प्राप्त किया - पावापुरी (बिहार) में
⬥ जैन तीर्थंकर, नेमिनाथ नेनिर्वाण प्राप्त किया - उर्जयंता (गिरनार पहाड़ी) में
⬥ 12वेंजैन तीर्थंकर, वासुपूज्य नेनिर्वाण प्राप्त किया - चंपापुरी (भागलपुर, बिहार) में