मौर्यवंश

मौर्यवंश

SSC Exams

 

एक सिंहली (श्रीलंकाई) वृत्तान्त जो मौर्यसाम्राज्य का महत्वपूर्णसाहित्यिक स्रोत था - महावंश

वह मौर्यराजा, जिसनेकलिंग युद्ध के बाद बौद्ध धर्मऔर उसके अहिंसक सिद्धांतोंको अपनाया था - अशोक

मौर्यराजा जिन्होंनेश्रवणबेलगोला मेंआमरण अनशन किया और उनकी मृत्युहो गई  - चन्द्रगुप्त मौर्य

सांची स्तूप की नींव रखी गई थी - अशोक द्वारा

मौर्यसाम्राज्य मेंराजस्व विभाग के प्रमुख को कहा जाता था - समाहर्ता

अंतिम मौर्यशासक बृहद्रथ की हत्या की गई थी - पुष्यमित्र शुंग द्वारा

मौर्यप्रशासन मेंसेना की देखभाल एक युद्ध कार्यालय द्वारा की जाती थी जिसमेंशामिल थे - 30 सदस्य

मगध सम्राट जिसनेअंग को अपनेसाम्राज्य का हिस्सा बनाया, उसका नाम है - बिम्बिसार

कलिंग युद्ध किसके शासनकाल मेंलड़ा गया था - अशोक

मेगस्थनीज को चन्द्रगुप्त मौर्यके दरबार मेंभेजने वाला यूनानी शासक था - सेल्यूकस निकेटर

मौर्यसाम्राज्य की राजधानी थी - पाटलिपुत्र

मौर्यसाम्राज्य का अंतिम राजा (शासक) था - बृहद्रथ

सम्राट अशोक पुत्र था - बिन्दुसार का

अशोक के शासनकाल मेंप्रान्तीय राजधानी थी - तक्षशिला और उज्जैन

दास कर्मकार जैसेपुरुष और महिलाएं थेजिनके पास जमीन नहींथी - मौर्योत्तर काल में

मेगस्थनीज के अनुसार पाटलिपुत्र मेंद्वार थे - चौंसठ

मौर्यसाम्राज्य का संस्थापक था - चन्द्रगुप्त मौर्य

वह मौर्यराजा जिसनेयुद्ध जीतनेके बाद विजय त्याग दी थी - अशोक

मौर्यसम्राट अशोक की मृत्युहुई थी  - 232 ईसा पूर्वमें

साँची का महान स्तूप बनाया गया था

धम्म की अवधारणा को लोकप्रिय बनाया गया था - अशोक द्वारा

अशोक नेकलिंग पर विजय प्राप्त की  - अपनेशासनकाल के आठवेंवर्षमें

बौद्ध धम्म के प्रचार-प्रसार का प्रणेता मौर्यशासक थे - अशोक

रामपुरवा के अशोक स्तंभ के शीर्षपर है - बैल की प्रतिमा

पूर्व-मौर्यमगध शासक वंश है  - हर्यंक वंश, शिशुनाग वंश, नंद वंश

इंडिका पुस्तक लिखी गई थी  - मेगस्थनीज द्वारा

मेगस्थनीज के लेखन के अनुसार 64 द्वार और 570 मीनारेंहै - पाटलिपुत्र शहर में

मैगस्थनीज के अनुसार मौर्यसाम्राज्य की सेना में थे - 6 लाख पैदल सैनिक

मेगस्थनीज के अनुसार,मौर्यसाम्राज्य की सेना में शामिल थी -130,000 घुड़सवार सेना

मैगस्थनीज के अनुसार मौर्यसाम्राज्य की सेना में शामिल थे - 9000 हाथी

अशोक नेअपनी बोधगया (बोधि वृक्ष) यात्रा और धम्म यात्रा का उल्लेख किया है  - प्रमुख शिलालेख VIII में

⬥ 'देवानामपिय' और 'पियदस्सी' उपाधियाँकिस राजा द्वारा अपनाई गई थीं - अशोक

गुजरात मेंसुदर्शन झील का निर्माण किसके शासन काल मेंहुआ था - मौर्यों के शासनकाल में

(नोट:- अशोक के लघुशिलालेख - बहापुर, बैराट, भाब्रू, सिद्धपुर, ब्रह्मगिरि, निट्टूर , राजुला मंदागिरि, उडेग, गविमठ, पालकीगुंडु, जतिंगा रामेश्वर, सिद्धपुर, मास्की)

 

अशोक के शिलालेखोंमेंबौद्ध ग्रंथोंका उल्लेख किया गया है - भाब्रू (भाबरू) शिलालेख में

अशोक का उल्लेख प्रियदर्शी के रूप मेंकिया गया है - भाब्रूशिलालेख में

अशोक नेअपनेसाम्राज्य को एकजुट रखनेका प्रयास किया था - धम्म का प्रचार-प्रसार करके

बोधगया (बिहार) मेंप्रथम महाबोधि मंदिर बनवाया गया था - अशोक द्वारा

मौर्यसाम्राज्य के दौरान किसानोंद्वारा दिया जाने वाला कर कहलाता था - पिंडकर

बिहार मेंभयानक अकाल के बाद, जैन भिक्षु भद्रबाहु और उनके शिष्य चलेगए  - श्रवणबेलगोला (कर्नाटक) में

कौटिल्य के 'अर्थशास्त्र' मेंवर्णित तीर्थों की संख्या है - अठारह (18)

कर निर्धारण एक अधिकारी का कार्यथा जिसे कहतेथे - समाहर्ता

अशोक नेधम्म के सिद्धांत का प्रचार करनेके लिए अपनेपुत्र (महेंद्र) और पुत्री (संघमित्रा) को भेजा - सीलोन

अशोक नेयुद्ध करना त्याग दिया था  - कलिंग के युद्ध के बाद

यूनानी राजदूत मेगस्थनीज को दरबार मेंभेजा गया था -चन्द्रगुप्त मौर्यके

मेगस्थनीज राजदूत था  - सेल्यूकस प्रथम निकेटर का

मौर्यसम्राट चन्द्रगुप्त मौर्यनेपराजित किया था - सेल्यूकस निकेटर को

नंद वंश को पराजित करनेमेंचन्द्रगुप्त मौर्यकी सहायता की थी - विष्णुगुप्त ने

अशोक नेअपनेराज्याभिषेक के 8 वर्षबाद विजय प्राप्त की थी - कलिंग पर

भारतीय समाज के सात वर्गों का उल्लेख किया गया है, मेगस्थनीज की पुस्तक - इंडिका में

मौर्यप्रशासन मेंघुड़सवार सेना का कमान अधिकारी था - अश्वाध्यक्ष

मौर्यस्तम्भ शीर्ष (सिंह शीर्ष) की स्थापना की गई थी - सारनाथ में

प्रशासनिक एवं सैन्य संगठन का सूक्ष्म विवरण दिया गया था - अर्थशास्त्र में

नागार्जुन गुफाएँदान मेंदी गईं थी - आजीवकोंको

तोसलि, उज्जयिनी और तक्षशिला प्रांतीय केंद्र थे - मगध साम्राज्य के

अशोक नेभौतिक अधिग्रहण की नीति को त्याग दिया - कलिंग युद्ध के बाद

मौर्यसाम्राज्य मेंप्रमुख राजनीतिक केन्द्रोंकी संख्या थी - पाँच

बिंदुसार को अमित्रघात कहा जाता था - यूनानियोंद्वारा

मौर्यसाम्राज्य के सबसेदक्षिणी छोर पर स्थित नगर है - ब्रह्मगिरि

अशोक के स्तंभोंका उद्देश्य था  - धर्मनीतियोंका प्रसार करना

भारत मेंसबसेपुरानी रॉक-कट गुफाएं हैं - बराबर और नागार्जुनी गुफाएं

क्विन शी हुआंग नेमहान दीवार के निर्माण का आदेश दिया था - लगभग 221 ईसा पूर्व

चीन के सम्राटोंनेमहान दीवार का निर्माण शुरू किया था - लगभग 2400 वर्षपूर्व

मौर्यसाम्राज्य की नींव रखी थी - चन्द्रगुप्त मौर्यने

शुंग वंश की स्थापना की गई थी - पुष्यमित्र द्वारा

सामाजिक समस्याओंके समाधान के लिए अशोक नेनियुक्त किया था - धम्म महामात्र

अशोक के अधिकांश शिलालेख लिखेहुए थे - ब्राह्मी लिपि में

चाणक्य के कई विचारोंको एक पुस्तक मेंलिखा गया हैजिसका नाम है - अर्थशास्त्र

प्रथम मौर्यशासक जिसनेशिलालेखोंके माध्यम से अपना संदेश लोगोंतक पहुंचानेका प्रयास किया - अशोक

प्राचीन यात्रियोंद्वारा भारतीय उपमहाद्वीप के लिए प्रयुक्त नाम दिया गया था - स्वर्णभूमि

सिकं दर और पोरस के बीच युद्ध हुआ था - हाइडेस्पीज का

सेल्यूकस-मौर्ययुद्ध मेंसेल्यूकस नेकिस मौर्य शासक के विरुद्ध युद्ध किया था ? - चन्द्रगुप्त मौर्य

मौर्यवंश का अंतिम शासक था - बृहद्रथ

⬥ 'कं टकशोधन', एक प्रकार का न्यायालय प्रचलित था - मौर्यसाम्राज्य में

अलेक्जेंडर कनिंघम नेअशोक के शिलालेखोंका एक सेट प्रकाशित किया - 1877 में

अशोक के शिलालेखोंको समझनेवालेपहले विद्वान थे - जेम्स प्रिंसेप

प्राचीन भारत मेंबड़ेपैमानेपर युद्ध मेंहाथियोंका उपयोग करनेवाला पहला साम्राज्य था - मगध

⬥ 'अतविका राज्य' को कहा जाता था - वन साम्राज्य

Railway Exams

मौर्यशासनकाल के दौरान, सुवर्णगिरि सोनेकी खदान का केंद्र था - कर्नाटक

अशोक के अधिकांश शिलालेख थे  - प्राकृत भाषा में

अशोक के शिलालेख जो उपमहाद्वीप के उत्तर-पश्चिम मेंपाए गए थे उनकी भाषा - आरमेइक और ग्रीक थी

अशोक के प्रमुख शिलालेखोंकी संख्या है - 14

किस मौर्यसम्राट नेचट्टानोंऔर स्तंभोंपर शिलालेख खुदवाए थे - अशोक ने

अर्थशास्त्र का श्रेय दिया जाता है - कौटिल्य को

सारनाथ सिंह राजधानी बनी थी - बलुआ पत्थर से

अशोक के गिरनार शिलालेख स्थित हैं - गुजरात राज्य में

कर्नाटक के रायचूर जिलेके मस्की मेंअशोक के एक लघुशिलालेख स्थल की खोज सी. बीडॉन ने की थी -1915 में

मध्य प्रदेश में सम्राट अशोक द्वारा बनवाया गया बौद्ध स्मारक है - साँची का स्तूप

मुद्राराक्षस' नाटक लिखा गया है  - विशाखदत्त द्वारा

जेम्स प्रिंसेप नेअशोक के शिलालेखोंकी व्याख्या की थी - 1837 में

प्रसिद्ध बौद्ध संरचना, धमेख स्तूप का निर्माण मूल रूप से किया गया था - मौर्यवंश के दौरान

मौर्यों के शासनकाल के दौरान ऐतिहासिक ग्रैंड ट्रंक रोड को कहा जाता था - उत्तरापथ

मौर्यप्रशासन मेंविभिन्न विभागोंके अधीक्षकोंके रूप मेंअध्यक्षोंका उल्लेख किया था - कौटिल्य ने

अशोक के कलिंग विजय का उल्लेख मिलता है - 13वेंशिलालेख में

Police Exams

वह शासक जिसनेधनानन्द को हराकर मौर्यवंश की स्थापना की थी - चन्द्रगुप्त मौर्य

वह मौर्यराजा जिसनेउत्तर-पश्चिम में  अफगानिस्तान और बलूचिस्तान तक नियंत्रण बढ़ाया था - चन्द्रगुप्त मौर्य

चंद्रगुप्त मौर्यके शासनकाल के दौरान, पाटलिपुत्र (मौर्यो की राजधानी) का प्रशासन, प्रबंधित किया जाता था - छह समितियोंद्वारा

सारनाथ स्थित धमेख स्तूप का निचला भाग ढका हुआ है - नक्काशीदार पत्थर से

धमेख स्तूप का निर्माण करवाया गया था - अशोक द्वारा

अशोक के शासन काल मेंउत्तर-पश्चिमी प्रांत की राजधानी थी - तक्षशिला

मौर्यों के अधीन कर के रूप मेंएकत्रित विक्रय मूल्य का अंश था - दसवां भाग

चाणक्य नेअपनी शिक्षा प्राप्त की थी  - तक्षशिला (पाकिस्तान) में

मौर्यप्रशासन मेंराजस्व संग्रहण अधिकारी को कहा जाता था - समाहर्ता

साँची स्तूप का निर्माण हुआ था  - मौर्यशासनकाल के दौरान

कं धार द्विभाषी शिलालेख दो भाषाओंमेंलिखेगए थे - ग्रीक और आर्मेइक

पहला अखिल भारतीय साम्राज्य था - मौर्यसाम्राज्य

छठी शताब्दी ईसा पूर्वसे, पंचमार्क सिक्के बने होतेथे - चांदी और तांबेके

अशोक पौत्र थे - चंद्रगुप्त मौर्यके

चाणक्य गुरू थे - सम्राट अशोक के

चाणक्य प्रधान मंत्री थे  - चंद्रगुप्त मौर्यके शासनकाल में

साँची के बौद्ध विहार को जाना जाता है - महान स्तूप के नाम सेभी 
 

⬥ ’द ग्रेट टैंग डायनेस्टी रिकॉर्डऑन द वेस्टर्न रीजन्सपुस्तक लिखी गई थी - ह्वेनसांग द्वारा

अशोक के कं धार शिलालेख की खोज की गई थी - वर्ष 1958 में

मौर्यवंश नेमगध पर शासन किया था  - नंद वंश के बाद

यात्रावेतन, तीर्थयात्रियोंपर लगाया जानेवाला एक कर था - मौर्यसाम्राज्य में

बृहद्रथ (अंतिम मौर्यशासक) की हत्या की थी - पुष्यमित्र शुंग ने

मौर्यप्रशासन मेंसीमा शुल्क और चुंगी संग्रहकर्ता को कहा जाता था - शुल्काध्यक्ष

प्रसिद्ध बौद्ध साँची स्तूप मूलतः बनवाया गया था - अशोक द्वारा

अशोक साम्राज्य के उत्तर पश्चिमी भाग मेंउसके शिलालेख लिखेगए थे - खरोष्ठी लिपि में

सांची स्तूप स्थित है - मध्य प्रदेश में

शिशुपालगढ़ मेंप्रागैतिहासिक काल की गुफा वास्तुकला है - उड़ीसा राज्य में

सिकं दर की मृत्युके बाद चन्द्रगुप्त मौर्यद्वारा पराजित सिकं दर के सेनापति का नाम था - सेल्युकस निकेटर

हेलिओडोरस दूसरी शताब्दी ईसा पूर्वके दौरान एक राजदूत के रूप मेंदरबार मेंआया था - भागभद्र के

मौर्यसाम्राज्य के पूर्वी भारत के प्रांत की राजधानी थी - तोसाली

साँची स्तूप की खोज 1818 मेंकी गई थी - सर हेनरी टेलर द्वारा

हाथी गुम्फा गुफा में शिलालेख है  - राजा खारवेल का

मेगस्थनीज के अनुसार चंद्रगुप्त मौर्यके शासनकाल मेंसमाज विभाजित था - 7 जातियोंमें

मौर्यप्रशासन में 'सीतााध्यक्ष' प्रभारी अधिकारी था - कृषि का

यूनानी इतिहासकार मेगस्थनीज नेचौथी शताब्दी ईसा पूर्वमेंभारत का दौरा किया था  - चंद्रगुप्त मौर्यके शासनकाल के दौरान

दरबारी षडयंत्रोंएवंचंद्रगुप्त मौर्यके सत्तारूढ़ से संबंधित संस्कृत कृति है - मुद्राराक्षस

सारनाथ मेंस्थित लायन कैपिटल का संबंध है - अशोक से

राष्ट्री य चिन्ह लिया गया है - सारनाथ स्तंभ से

अशोक की राजधानी थी - पाटलिपुत्र

यूनानियोंको भारत सेबाहर निकालनेवाला  भारतीय शासक था - चन्द्रगुप्त मौर्य

चांदी के सिक्कोंको "रुपयारूप" बताया गया है - अर्थशास्त्र में

Defence Exams

पहलेभारतीय विचारक जिन्होंनेअकाल के प्रभावों का प्रतिकार करनेके लिए काम के बदलेभोजन कार्यक्रम की बात की थी - कौटिल्य

टोपरा स्थित अशोक स्तंभ के हिलनेका चित्रित वर्णन मिलता है - सीरत--फिरोज़ शाही में

मौर्यप्रशासन मेंसीमांत क्षेत्रोंका प्रभारी होता था - अन्ता महामत्ता

मौर्यप्रशासन मेंमहिला कल्याण का प्रभारी था - इतिझाखा महामत्ता

मौर्यप्रशासन मेंधम्म के प्रसार का प्रभारी था - धम्म महामत्त

मौर्यप्रशासन मेंनगर प्रशासन का प्रभारी था  - नागलवियोहलका

State PCS Exams

चंद्रगुप्त मौर्यनेसेल्यूकस निकेटर को उपहार दिया - 500 युद्ध हाथियोंका

मौर्ययुग के दौरान आधिकारिक "एग्रोनोमाई" का संबंध था - सड़कोंके निर्माण से

बिंदुसार के शासन काल में, अशोक द्वारा अवंती महाजनपद को जीतकर मौर्यसाम्राज्य मेंमिलाने की जानकारी मिलती है  - बुद्ध घोष के ग्रंथ सामन्त पसादिका में

मौर्यकालीन मूर्तियाँजिन पर मणिभद्र (यक्ष) का नाम अंकित था, प्राप्त हुई थीं  - परखम (उत्तर प्रदेश) से

किस ग्रंथ मेंचंद्रगुप्त मौर्यको 'वृषल' कहा गया है - मुद्राराक्षस

सैंड्रोकोटस सेचंद्रगुप्त मौर्यकी पहचान किसने की थी - विलियम जोन्स

मेगस्थनीज राजदूत था - सेल्यूकस का

मौर्यशासक बिन्दुसार को 'अमित्रघात' कहा था - यूनानी लेखकोंने