नृत्य

नृत्य

SSC Exams

भारतीय शास्त्रीय नृत्य तकनीक जैसेरस और भाव की उत्पत्ति हुई है - भरतमुनि के नाट्यशास्त्र से

लावणी, पोवाड़ा, कोली, वाघ्या मुरली और धनगारी गाजा लोक नृत्य है - महाराष्ट्र के

सत्रिया का एकांकी नाटक कहलाता है - अंकिया नट

भारत के अधिकांश शास्त्रीय नृत्य रूपों की उत्पत्ति हुई है - नाट्य शास्त्र से

गोवा का वह नृत्य रूप जिसे 'योद्धा नृत्य' के नाम सेभी जाना जाता है - घोड़े मोदनी

मणिपुरी नृत्य किसकी रासलीला थीम पर आधारित है - राधा और कृष्ण की

सत्त्रिया (असम) को संगीत नाटक अकादमी द्वारा शास्त्रीय नृत्य के रूप मेंमान्यता दी गई - 2000 में

यूनेस्को नेकेरल के अनुष्ठान-नाटक 'मुडियेट्टू' को 'मानवता की अमूर्तसांस्कृतिक विरासत' के रूप मेंमान्यता दी - 2010 में

थुल्लल नृत्य की उत्पत्ति हुई - केरल से

खासी जाति का 'का शाद मस्तियेह' या विजय नृत्य का संबंध है - मेघालय से

मैमाता एक लोकप्रिय लोक नृत्य है - त्रिपुरा का

भरतनाट्यम नृत्य पारंपरिक रूप सेकिया जाता है - कर्नाटक संगीत में

ठुमरी संगीत सम्बंधित है - कथक (उत्तर प्रदेश) से

मणिपुरी शास्त्रीय नृत्य के पुरुष प्रारूप को कहा जाता है - चोलोम्स

कथकली नृत्य के पूर्वमेंएक अभ्यास सत्र को बुलाया जाता है, जिसे कहा जाता है - 'सेवाकाली

वह अभिनय जो वेशभूषा, आभूषण, चेहरे के मेकअप आदि के उपयोग सेसंबंधित है - आहार्यअभिनय

सिद्धियोंका गुजरात मेंलगभग 300 वर्षों का सांस्कृतिक इतिहास है, जो जाने जाते हैं - अपने अनूठेनृत्य सिद्धि धमाल के लिए

नटवारी नृत्य का संबंध है - कथक नृत्य से

डंडारी-गुसाडी त्यौहार मनाया जाता है - राज गोंड और कोलम जनजाति द्वारा

झारखंड का पाइका नृत्य प्रस्तुत (पुरुष सदस्य) किया जाता है - मुंडा जनजाति द्वारा

गौर मारिया, एक नृत्य शैली है - छत्तीसगढ़ का

लेबांग बूमनी नृत्य फसल कटाई का नृत्य है - त्रिपुरा का

भरतनाट्यम पर ब्रिटिश सरकार नेप्रतिबंध लगा दिया था - 1910 में

महाराष्ट्र मेंअसत्य पर सत्य की जीत का जश्न मनाया जाता है - सोंगी मुखावटेनृत्य द्वारा

सोंगी मुखावटेनृत्य है - महाराष्ट्र का

सोंगी मुखावटेनृत्य नरसिंह को प्रतिनिधित करता है - भगवान विष्णु के रूप में

रिखम पद नृत्य का संबंध है - अरुणाचल प्रदेश से

मृदुऔर महिलाओंके लिए उपयुक्त प्रस्तुति को कहा जाता है - लास्य

भारतीय शास्त्रीय नृत्योंमेंदो मौलिक पहलू होते हैं - लास्य और तांडव

⬥ 'कथक' शब्द की उत्पत्ति हुई है - कहानी से

शास्त्रीय नृत्य की तकनीक को 5वींशताब्दी ईसा पूर्वमेंसंहिताबद्ध किया गया था - भरत मुनि द्वारा

लम्बाडी नृत्य एक लोक नृत्य शैली है - बंजारा जनजाति की

कालबेलिया (स्नेक चार्मर डांस) एक प्रसिद्ध लोक नृत्य है - राजस्थान का

कालबेलिया नृत्य किया जाता है - कालबेलिया समुदाय द्वारा

बाल्टी नृत्य का संबंध है -लद्दाख से

शरीर के गतियोंके माध्यम सेअर्थ को संवहन करनेके रूप को जाना जाता है - आंगिक अभिनय

मुंडा जनजाति का मुंडारी नृत्य संबंधित है - झारखंड से

टपू नृत्य किया जाता है - अरुणाचल प्रदेश की आदि जनजाति द्वारा

चाली, झुमुरा और नाडु भंगी रूप हैं - सत्त्रिया शास्त्रीय नृत्य के

ढिम्सा लोक नृत्य पोरजा जनजातियोंद्वारा किया जाता है अराकूघाटी (आंध्र प्रदेश) में

कांडियन नृत्य एक पारंपरिक नृत्य रूप है - श्रीलंका का

टिप्पनी, हुडो, मेर रास, पल्ली जग गराबो लोक नृत्य हैं - गुजरात के

कथक नृत्य का संबंध है - हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत से

गैर लोक नृत्य भील समुदाय द्वारा किया जाता है - राजस्थान राज्य में

⬥ 'नट' पारंपरिक गायन शैली हैजो सम्बंधित है - मणिपुरी नृत्य से

रास, संकीर्तन और थांग-ता लोकप्रिय रूप हैं - मणिपुरी नृत्य के

मणिपुरी नृत्य का सबसे प्रारंभिक रूप है - लाई हरोबा

डोल्लू कुनिथा, भूत और बालाकट नृत्य संबंधित हैं - कर्नाटक राज्य से

ढोल को रंग-बिरंगेवस्त्रों सेसजाया जाता है - डोल्लू कुनिथा के नृत्य में

लाहो नृत्य किया जाता है - मेघालय की जयन्तिया जनजाति द्वारा

पाइका नृत्य मुंडा जनजाति द्वारा किया जाता है - छोटा नागपुर पठार के क्षेत्र में

चविट्टूकाली नृत्य सम्बंधित है - केरल राज्य से

गुग्गा लोक नृत्य पुरुषों द्वारा किया जाता है - हरियाणा में

तेवितिचियाट्टम, नंगई नाटकम और दासियाट्टम - मोहिनीअट्टम नृत्य के रूप हैं

गरबा, डांडिया रास, टिप्पनी जुरियुन नृत्य लोकप्रिय हैं - गुजरात राज्य में

झारखंड में 'सरहुल' नृत्य का त्योहार प्रस्तुत किया जाता है - उरांव जनजाति द्वारा

जगोई और थाबल चोंगबा प्रसिद्ध नृत्य हैं - मणिपुर के

सरायकेला छऊ लोकप्रिय नृत्य है - झारखंड का

घुरि लोक नृत्य (महिलाओंद्वारा) किया जाता है - हिमाचल प्रदेश क्षेत्र में

चरी लोक नृत्य मुख्य रूप सेमहिलाओंद्वारा किया जाता है - राजस्थान में

कमसालेलोक नृत्य है - कर्नाटक का

पदायनी लोक नृत्य भद्रकाली मंदिर मेंकिया जाता है - केरल के

मिजोरम के बांस नृत्य को कहा जाता है - चेरव नृत्य

मुख्य रूप सेकथक सेसंबंधित रियासत थी - अवध

पखावज अक्षरोंका प्रयोग किस शास्त्रीय नृत्य को समाप्त करने के लिए किया जाता है- ओडिसी

वह नृत्य जिसमेंचित्रित मुखौटे, बड़ी स्कर्ट, भारी जैकेट, बहुत सारे आभूषण और लंबेहेडड्रेस शामिल हैं - कथकली

वह नृत्य जहां नर्तक विपरीत दिशाओंमें संकेंद्रित वृत्तोंके साथ वामावर्तवृत्त बनातेहैं- गरबा नृत्य में

कुचिपुड़ी, एक यक्षगान शैली है, जिसकी कल्पना सिद्धेंद्र योगी नेकी थी - 17वींशताब्दी में

भारतीय संगीत नाटक अकादमी द्वारा मान्यता प्राप्त भारतीय शास्त्रीय नृत्य शैलियों की संख्या है - 8

झिझिया नृत्य अच्छी बारिश और फसल के लिए बारिश के देवता इंद्रको प्रसन्न करने के लिए किया जाता है - बिहार में

वह जनजाति जो असम मेंबागुरुम्बा लोक नृत्य करती है - बोडो जनजाति ग्रिडा लोक नृत्य सम्बंधित है - मध्य प्रदेश से

⬥ 'गोंफ' एक प्रसिद्ध लोक नृत्य है - गोवा का कुड, एक लोक नृत्य है , जो सम्बंधित है - जम्मू और कश्मीर से

चांग लो आदिवासी नृत्य चांग जनजाति द्वारा किया जाता है - नागालैंड में

गुणकांत दत्ता बोरब्यान को संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार सेसम्मानित किया गया - सत्त्रिया नृत्य के लिए

फुगड़ी एक लोक नृत्य है - गोवा का ताशी सबदो नृत्य सम्बंधित है - सिक्किम से

अग्नि, मर्दाना झूमर, फगुआ नृत्य संबंधित हैं - झारखंड से

कोली लोक नृत्य है - महाराष्ट्र और गोवा का

लंबाडी' लोक नृत्य सम्बंधित है - आंध्र प्रदेश से

चूफाट एक लोक नृत्य है - सिक्किम का

ज़ो माल लोक नृत्य का संबंध है - सिक्किम से

मोहिनीअट्टम नृत्य महिलाओंद्वारा किया जाता है - भगवान विष्णु के सम्मान में

गोटीपुआ, ओडिशा का नृत्य, किया जाता है - भगवान जगन्नाथ के सम्मान में

भामा कलापम शास्त्रीय नृत्य-नाटिका संबंधित है - कुचिपुड़ी से

सैला, पंथी, पंडवानी, राऊत नाचा नृत्य संबंधित हैं - छत्तीसगढ़ से

घोडेमोडिनी लोक नृत्य है - गोवा का छोलिया, मार्शल नृत्य संबंधित है - उत्तराखंड से

कथक के प्रमुख विषय जुड़ेहुए हैं - वैष्णववाद से

भांगड़ा, लुड्डी, गिद्दा लोक नृत्य हैं - पंजाब के

जागोई और चोलोम दो मुख्य प्रभाग हैं - मणिपुरी नृत्य के

असम का सत्त्रिया नृत्य प्रेरित है - भक्ति आंदोलन से

शास्त्रीय कृति 'हस्तलक्षण दीपिका' नृत्य संबंधित है - कथकली से

मटकी नृत्य का सम्बन्ध है - मध्य प्रदेश से

गुग्गा, खोरिया और फाग नृत्य संबंधित हैं - हरियाणा से

हुरका बाउल नृत्य, मक्का और धान की खेती के दौरान किया जाता है - उत्तराखंड में

कुम्मी नृत्य का संबंध है - तमिलनाडुसे

चेराव लोक नृत्य सम्बंधित है - मिजोरम से

भरतनाट्यम को मूल रूप सेजाना जाता था - सादिर अट्टम के नाम से

गोटीपुआ एक पारंपरिक नृत्य शैली है - ओडिशा की

मोहिनीअट्टम मेंहाथ के इशारेजो मुख्य रूप से हस्तलक्षण दीपिका पाठ सेअपनाए गए, वेहै- 24

गवरी, नृत्य-नाटिका का सम्बन्ध है - राजस्थान से

पुरुलिया, मयूरभंज, सरायकेला उपप्रकार हैं - छऊ नृत्य के

चारु सिजा माथुर एक पर्याय है - मणिपुरी नृत्य का

कोलन्नालु, लोक नृत्य जिसेलोकप्रिय रूप से जाना जाता है - छड़ी नृत्य के नाम

वांगला प्रसिद्ध लोक नृत्य है - मेघालय का

भरतनाट्यम नृत्य का विकास हुआ - 'एकहार्यलस्यांगा' से

कोणार्क नृत्य महोत्सव हर साल 5 दिनोंके लिए आयोजित किया जाता है - ओडिशा मे

वर्णम शास्त्रीय नृत्य किसके चरणोंमेंसेएक है - भरतनाट्यम के

खजुराहो नृत्य उत्सव को भारत सरकार ने मध्य प्रदेश कला परिषद के सहयोग सेशुरू किया था - 1975 में

खोन, मास्कड ड्रामा नृत्य प्रस्तुति, जो भगवान राम की महिमा को दर्शाती है, संबंधित है - थाईलैंड से

थेय्यम, एक धार्मिक कला रूप है - केरल का

वीरा नाट्यम एक अनुष्ठानिक नृत्य शैली है - आंध्र प्रदेश की

लोटिया क्षेत्रीय संगीत है - राजस्थान का

भगवान कृष्ण के जीवन पर आधारित एक प्रकार का लोक नाट्य है - 'रासलीला

⬥"यक्षगान" लोक नृत्य का संबंध है - कर्नाटक से

छऊ नृत्य को यूनेस्को की अमूर्तसांस्कृतिक विरासत सूची मेंशामिल किया गया था - 2010 मे

लद्दाख की बौद्ध जप संगीत को यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर सूची मेंशामिल किया था - 2012 में

वैदिक जप की परंपरा को यूनेस्को की अमूर्त स्कृतिक धरोहर सूची मेंशामिल किया गया था - 2008 मे

एक ऐसा फ्रीस्टाइल नृत्य जिसमेंकलाकार जलते हुए धूप सेभरेमिट्टी के बर्तनोंके साथ नृत्य करते हैं - धुनुची नाच

भरतनाट्यम के प्राचीन नृत्य शिक्षक या गुरु की लोकप्रिय रूप सेकहा जाता है - नट्टुवानार

वीधि-भागवतम' एक प्रसिद्ध नृत्य शैली है - आंध्र प्रदेश की

लावणी लोक नृत्य है - महाराष्ट्र का

भारतीय शास्त्रीय नृत्योंमेंप्रयोग होनेवालेहाथ के इशारोंको कहा जाता है - मुद्रा

घूमर पारंपरिक रूप सेप्रदर्शित किया जाता है - भील जनजाति (राजस्थान) द्वारा

मयूरभंज छऊ नृत्य का प्रदर्शन किया जाता है - ओडिशा में

पुरुलिया छऊ नृत्य का प्रदर्शन किया जाता है - पश्चिम बंगाल में

रास लीला की शुरुआत सबसेपहले 1779 में एक नृत्य शैली के रूप मेंहुई थी - भाग्यचंद्र (मैतेई राजा) द्वारा

डंडा-नाचा (ओडिशा का एक नृत्य रूप) कहानी के बारेमेंबताता है - भगवान शिव की

गौर मारिया नृत्य का संबंध है - छत्तीसगढ़ से

कुचिपुड़ी नृत्य का वह तत्व जिसमेंकलाकार पीतल की थाली के किनारेपर अपनेपैरोंको संतुलित करता है - तरंगम

कथक मेंनर्तक और तबला वादक के बीच प्रतिस्पर्धात्मक खेल है - जुगलबंदी

प्रेम को सर्वोत्तम रूप सेअभिव्यक्त करनेवाला रस है - शृंगार रस

मुडियेट्टूकेरल का एक अनुष्ठानिक नृत्य नाटक हैजो युद्ध की पौराणिक कहानी पर आधारित है - देवी काली और दानव दारिका के बीच

⬥ 'नाट्य शास्त्र' के अनुसार, मोहिनीअट्टम एक रूप है - लास्य नृत्य का

मोहिनीअट्टम नृत्य, नृत्य और गायन के माध्यम सेएक नाटक का भाव प्रकट करता हैजहां गीत पारंपरिक रूप सेहोता है - मणिप्रवाला भाषा में

नागालैंड का एक नृत्य रूप जो शिकार अभियान की तैयारी के रूप मेंकिया जाता है, जिसेजाना जाता है - सदल केकाई के नाम से

पैरोंको मोड़कर लय बनाए रखनेवाली नृत्य मुद्रा है - भरतनाट्यम

चिदम्बरम मंदिर के गोपुरम पर अंकित शास्त्रीय नृत्य शैली है - भरतनाट्यम

भरतनाट्यम किस दक्षिण भारतीय धार्मिक विषयों और आध्यात्मिक विचारोंको व्यक्त करता है - शैव धर्मके

दसकठिया आदिवासी नृत्य है - ओडिशा का

झारखंड की संथाल जनजाति द्वारा किया जाने वाला नृत्य है - झिका दशईं

चांगई नृत्य का संबंध है - नागालैंड से

अलारिप्पुएक नृत्य मुद्रा है - भरतनाट्यम की

थाबल चोंगबा लोक नृत्य है - मणिपुर का

भवई (वेश या स्वांग) लोकप्रिय लोकनाट्य रूप है - गुजरात का

पाइका, घुमरा और ढप लोक नृत्य हैं - ओडिशा का

रायगढ़ घराना सम्बंधित है - कथक से

जामदा लोक नृत्य का संबंध है - झारखंड से

कलासम एक नृत्य क्रम है - कथकली का

कजरी एक लोक गीत और नृत्य हैजिसकी उत्पत्ति हुई थी - उत्तर प्रदेश में

छऊ नृत्य मौजूद है - 3 मुख्य शैलियोंमें

कलाक्षेत्र शैली का संबंध है - भरतनाट्यम से

कुड लोक नृत्य है - जम्मूएवं कश्मीर का

भरतनाट्यम की सैद्धांतिक नींव पाई गई है - नाट्य शास्त्र में

वज़ुवूर शैलियोंमेंसेएक है - भरतनाट्यम की

लुड्डी एक लोक नृत्य है - पंजाब का

रास-लीला को किस शास्त्रीय नृत्य शैली के रूप मेंमान्यता प्राप्त है - मणिपुरी के

कथक नृत्य का सबसेपुराना घराना - बनारस

भोरताल नृत्य प्रसिद्ध है - असम में

लाई हरोबा सबसेप्रारंभिक रूप है - मणिपुरी नृत्य का

जोएंपा लेग्सो एक स्वागत नृत्य है - भूटान का

माटी-अखौरा का सम्बन्ध है - सत्त्रिया नृत्य से

नलचरितम नाटक संबंधित है - कथकली से

मध्य प्रदेश की कमार जनजाति द्वारा किया जाने वाला नृत्य है - तेरह ताली

मंगलाचरण, स्थाई, पल्लवी, अभिनया और मोक्ष भाग हैं - ओडिसी नृत्य के

मुख्य रूप सेनवरात्रि के दौरान किया जानेवाला पारंपरिक नृत्य है - गरबा

भगवान जगन्नाथ की पूजा सेसंबंधित नृत्य शैली है - ओडिसी

शास्त्रीय नृत्य शैली जिसकी शुरुआत केलिकोट्टू नामक ड्रम वादन सेहोती है - कथकली

ज़ंगतालम मिज़ोरम का एक लोकप्रिय नृत्य हैजो प्रस्तुत किया जाता है - पैहतेजनजाति द्वारा

गैर नृत्य किया जाता है - राजस्थान के भील समुदाय द्वारा

कारगम लोक नृत्य का संबंध है - तमिलनाडुसे

भूत कोला, एक आत्मा पूजा अनुष्ठान नृत्य है - कर्नाटक का

सुग्गी एक प्रसिद्ध लोक नृत्य है - कर्नाटक का

तमिलनाडुके मंदिरोंमेंदेवदासियोंद्वारा किया जानेवाला नृत्य है - भरतनाट्यम (दासियाट्टम)

राजस्थान के सपेरा नृत्य को जाना जाता है - कालबेलिया नृत्य के रूप में

एकहार्या, जहाँएक नर्तक एक ही प्रदर्शन मेंकई भूमिकाएँनिभाता है, सम्बंधित है - भरतनाट्यम में

जगोई और चोलोम दो मुख्य भाग हैं - मणिपुरी नृत्य के

सत्रहवींशताब्दी मेंकथकली का दक्षिणी भारत में उद्गम हुआ - कर्नाटक के राजकुमार के संरक्षण में

मिथिला क्षेत्र (बिहार) मेंदशहरेके समय किया जानेवाला नृत्य है - झिझिया

सांगफाओ आदिवासी नृत्य किया जाता है - अरुणाचल प्रदेश में

अरुणाचल प्रदेश का टापूनृत्य किया जाता है - आदि जनजाति द्वारा

प्रसिद्ध नृत्य शैली चरकुला संबंधित है - उत्तर प्रदेश से

युद्ध के हिंदूदेवता मुरुगन की पूजा के दौरान किया जानेवाला नृत्य है - कावड़ी अट्टम

रऊफ लोक नृत्य है - जम्मू-कश्मीर का

मणिपुरी नृत्य का प्रमुख विषय है - भक्ति

पंथी नृत्य शैली का संबंध है - छत्तीसगढ़ से

चिदम्बरम मंदिर (तमिलनाडु) के गोपुरम में दर्शाई गई हैं - भरतनाट्यम की मुद्राएँ

घूमर एक लोक नृत्य है - राजस्थान का

कुचिपुड़ी नृत्य किया जाता है - कर्नाटक संगीत के साथ

भरतनाट्यम का संगीत संबंधित है - कर्नाटक शैली से

चेचक सेठीक होनेके बाद पश्चिम बंगाल मेंकिया जानेवाला एक विशिष्ट नृत्य है - ब्रिता नृत्य

रंगीन श्रृंगार और अनोखेमुखौटेप्राचीन मार्शल आर्टको दर्शातेहैं - कथकली की

हाई -हक नृत्य का संबंध है - त्रिपुरा से

गुग्गा नृत्य एक पारंपरिक लोक नृत्य है - हरियाणा का

ज़ो-मल-लोक नृत्य सम्बंधित है - लेप्चा समुदाय (सिक्किम) से

असम के वैष्णव मठोंसेविकसित नृत्य है- सत्त्रिया

वह नृत्य जिसमेंकलाकार कभी भी दर्शकोंसे नजरेंनहींमिलाता है - मणिपुरी

महाराष्ट्र की महिलाओंद्वारा प्रस्तुत नृत्य है- लावणी

तरंगामेल लोक नृत्य सम्बंधित है - गोवा से

बुइया नृत्य शैली सम्बंधित है- अरुणाचल प्रदेश से

शास्त्रीय नृत्य शैली जिसमेपात्रोंके प्रतीक के रूप मेंचेहरेपर विभिन्न रंगोंका उपयोग किया जाता है - कथकली

नृत्य शैली जिसका उल्लेख व्यवहार माला के प्राचीन ग्रंथ मेंकिया गया है - मोहिनीअट्टम

धामन एक नृत्य शैली है, जिसका संबंध है - हिमाचल प्रदेश से

रंगाबाती एक लोक नृत्य है - ओडिशा का

नूपा नृत्य का संबंध है - मणिपुर से

बोरगीत, एक संगीत रचना हैजिसका उपयोग किया जाता है - सत्त्रिया नृत्य में

कं जर जनजाति द्वारा किया जानेवाला राजस्थान का पारंपरिक लोक नृत्य है - चकरी

मुंडारी प्रसिद्ध नृत्य है - झारखण्ड का

ज़ंगतालम, चैलम, चेराव नृत्य का संबंध है - मिज़ोरम से

लोक नृत्य होजागिरी का सम्बन्ध है - उत्तर-पूर्वभारत से

मोहिनीअट्टम का संबंध है - भगवान विष्णुसे

कथकली का संबंध है - भगवान कृष्ण से

घूमर नृत्य शैली भील जनजातियोंद्वारा विकसित की गई थी - देवी सरस्वती की पूजा करनेके लिए

मोहिनीअट्टम नृत्य के प्रदर्शन मेंप्रयुक्त मुख्य ताल वाद्य यंत्र है - एडक्का

शास्त्रीय नृत्य जिसेकथाकारोंका नृत्य कहा जाता है - कथक

लोक नृत्य जो देवी दुर्गाऔर महिषासुर के बीच एक दिखावटी लड़ाई को दर्शाता है- डांडिया रास

बिहू नृत्य सेप्रभावित एक नृत्य शैली है - सत्त्रिया

झारखंड का नृत्य जो मुख्य रूप सेखेती के मौसम मेंआदिवासी महिलाओंद्वारा किया जाता है - जननी झुमु

शरद ऋतुके दौरान 'कुलिस' (चाय बागानोंमें काम करनेवालेलोग) द्वारा प्रदर्शन किया जाने वाला असम का नृत्य रूप है - झुमुर

नृत्य गतिविधियोंके एक भाग के रूप मेंड्रम का प्रमुखता सेउपयोग किया जाता है - पुंग चोलोम (मणिपुरी) में

 

वह नृत्य शैली जो उन महिलाओंकी पीड़ा को दर्शाती हैजिनके जीवन साथी घर सेदूर होते हैं - बिरहा

 

निहंग सिख योद्धाओंकी पारंपरिक युद्ध शैली गतका की उत्पत्ति हुई है - पंजाब से

 

⬥ 'मुडियेट्टू' एक पारंपरिक लोक नाट्य रूप है - केरल का

 

⬥ ‘एलेक्काराडी' एक आदिवासी नृत्य शैली है - केरल की

 

भगवान खंडोबा सेसंबंधित 'वाघ्या मुरली' नृत्य की उत्पत्ति हुई है - महाराष्ट्र में

 

संगराई लोक नृत्य है - त्रिपुरा का

 

मंदिरोंको समर्पित नृत्य जिसेपहलेसादिर के नाम सेजाना जाता था - भरतनाट्यम

 

भारत का पहला पारंपरिक नृत्य जिसेनाट्य कला के रूप मेंनया स्वरूप दिया गया है - भरतनाट्यम

 

मैतई लोगोंके वैष्णववाद सेसंबंधित नृत्य है - मणिपुरी नृत्य

 

उम्मट-आट एक लोक नृत्य शैली हैजो प्रदर्शित की जाती है - कूर्ग (कर्नाटक)

 

भरतनाट्यम नृत्य वृत्तांत किया जाता है - नट्टुवनार द्वारा

 

लावा एक लोकप्रिय लोक नृत्य है - मिनिकॉय द्वीप

 

दक्षिण मालाबार का एक लोकप्रिय मुखौटा नृत्य है कुमट्टिकली

 

सिर पर कुर्सियां रखकर जलतेहुए दीयोंके साथ महिलाओंद्वारा किया जानेवाला नृत्य है- चरी नृत्य

 

वाक्, मूकाभिनय और शुद्ध नृत्य के संयोजन वाला नृत्य है - कुचिपुड़ी

 

दशहरा उत्सव के दौरान किया जानेवाला वीरागासेनृत्य है - कर्नाटक राज्य का

 

राठवा नी घेर, राठवा जनजाति द्वारा होली के अवसर पर किया जानेवाला नृत्य है - गुजरात का

 

रतवाई नृत्य शैली सम्बंधित है- मेवाती जनजाति से

 

तिल्लाना शैली सम्बंधित है - भरतनाट्यम से

 

चाड सुकरा', मेघालय का एक लोकप्रिय पारंपरिक नृत्य-उत्सव है, जिसेमनाया जाता है - बुआई उत्सव के रूप में

 

सिक्किम का वह समुदाय जो परंपरागत रूप से लोक नृत्य चू-फाट सेजुड़ा है - लेप्चा समुदाय

 

जवाहरलाल नेहरू मणिपुर नृत्य अकादमी स्थित है - इंफाल में

 

कमसालेएक पारंपरिक नृत्य शैली है - कर्नाटक राज्य की

 

रिखमपाड़ा एक पारंपरिक नृत्य है - अरुणाचल प्रदेश का

 

विशेष रूप सेग्रामीण मेहमानोंद्वारा भाग लिया जानेवाल मिजोरम का नृत्य शैली है - खुआल्लम

 

ओडिशा का एक लोक नृत्य जिसमेभगवान कृष्ण के जीवन-चरित्र को दर्शाया जाता है - रणपा नृत्य में

 

मैमाता, कलोई समुदाय का एक लोकप्रिय नृत्य है - त्रिपुरा राज्य के

 

भांड पाथेर नृत्य शैली है - कश्मीर की

 

आलूयट्टूएक लोक-नृत्य रूप है - नागालैंड राज्य का

 

बोलक-आट नृत्य शैली का संबंध है - कर्नाटक से

 

हॉलिसाका मूल सामूहिक नृत्य है - गुजरात का

 

बिरहोर नृत्य एक आदिवासी लोक नृत्य है - झारखंड का

 

कलश लेकर महिलाओं द्वारा कियाजानेवाला 'काडसा' नृत्य है - झारखंड का

 

एक नृत्य जिसमेपाँच ललित कला रूपोंका सामंजस्यपूर्णसंयोजन है - कथकली

 

कोलकाली लोकप्रिय नृत्य शैली है - लक्षद्वीप की

 

फसल कटाई के बाद लड़कोंद्वारा किया जाने वाला सैला नृत्य संबंधित है - छत्तीसगढ़ से

 

⬥ 'लद्दाख का शाही नृत्य है - शोंडोल

 

डांगी लोक नृत्य है - हिमाचल प्रदेश का

 

दलखाई लोक नृत्य है - ओडिशा का

Railway Exams

मयूरभंज छऊ नृत्य है - ओडिशा का

पडयाणी भद्रकाली मंदिर मेंप्रदर्शित एक अनुष्ठानिक नृत्य कला है - केरल का

पुडुचेरी मेंगराडी लोक नृत्य (रामायण सेसंबंधित) किया जाता है - विल्लियानूर मंदिर में

सिद्दी धमाल नृत्य का संबंध है - गुजरात से

⬥ 'अलकप' झारखंड और किस राज्य मेंकिया जाने वाला एक पारंपरिक नृत्य-नाटक है? - पश्चिम बंगाल का

⬥ 'हुली वेशा' एक लोकप्रिय लोक नृत्य है - कर्नाटक का

फसल कटाई नृत्य जो मध्य प्रदेश के बुन्देलखण्ड क्षेत्र मेंलोकप्रिय है - जवारा नृत्य

राई मुख्य रूप सेलोक नृत्य है - मध्य प्रदेश का

आंध्र प्रदेश का एक नृत्य जो छड़ी नृत्य के समान है - कोलानालुनृत्य

पाइका नृत्य प्रसिद्ध है - ओडिशा में

रेंगमा मुख्य रूप सेलोक नृत्य है - नागालैंड का

सत्त्रिया नृत्य की शुरुआत 15वींशताब्दी ई. मेंकी गई थी - संत महापुरुष शंकरदेव द्वारा

थांग टा एक विशिष्ट मार्शल नृत्य रूप है - मणिपुर का

केरल के उत्तरी मालाबार क्षेत्र मेंप्रदर्शित की जाने वाली एक लोक कला है - कोलकाली

हिमाचल प्रदेश का एक लोक नृत्य जो यज्ञ के साथ समाप्त होता है - नाटी नृत्य

खजुराहो नृत्य महोत्सव की शुरुआत की गई थी - 1975 में

खजुराहो नृत्य महोत्सव भारत सरकार द्वारा किसके सहयोग सेस्थापित किया गया था? - मध्य प्रदेश कला परिषद के

भरतनाट्यम शास्त्रीय नृत्य है - तमिलनाडुका

केरल के दो शास्त्रीय नृत्य है - कथकली और मोहिनीअट्टम

कुचिपुड़ी शास्त्रीय नृत्य की उत्पत्ति हुई है - आंध्र प्रदेश में

मणिपुरी शास्त्रीय नृत्य है - मणिपुर का

कथक शास्त्रीय नृत्य है - उत्तर प्रदेश का

ओडिशा का शास्त्रीय नृत्य है - ओडिसी

सत्त्रिया शास्त्रीय नृत्य है - असम का

चांगसांग नृत्य नागालैंड की चांग जनजाति द्वारा किया जाता है - नाक्युलम उत्सव के समय

रेचुंगमा, घ तो किटो और ची रमुनृत्य हैं - सिक्किम के

जाट-जटिन लोकप्रिय लोक नृत्य है - बिहार का

भारतीय शास्त्रीय नृत्य जिसेप्रसिद्ध ऋषि भरत को भगवान ब्रह्मा द्वारा प्रकट किया गया था, जिन्होंने इस नृत्य को संहिताबद्ध किया था -‘नाट्य शास्त्र' में

हुड़का बोल लोक नृत्य है - उत्तराखंड का

बार्डो छम लोक नृत्य है - अरुणाचल प्रदेश का

गौर मारिया लोक नृत्य है - छत्तीसगढ़ का

डांडिया नृत्य का संबंध है - गुजरात से

ढालो एक लोकप्रिय अनुष्ठान लोक नृत्य है - गोवा का

गंभीरा नृत्य, विभिन्न लकड़ी के मुखौटोंका उपयोग करके किया जाता है - पश्चिम बंगाल में

मांडो लोक नृत्य है - गोवा का

केरल का पारंपरिक रंगमंच जहाँ 8 दिनोंमें 8 नाटकोंका प्रदर्शन किया जाता है - कृष्णनाट्टम

माइकल जैक्सन के 1991 के संगीत वीडियो 'ब्लैक ऑर व्हाइट' एकमात्र भारतीय नृत्य शैली से संबंधित है -ओडिसी

सिक्किमवासी जानेजातेहैं, अपनेअद्भुत मुखौटा नृत्य - चाम के लिए

शास्त्रीय नृत्य जो अपनेवर्तमान स्वरूप मेंमुगल परंपरा सेप्रभावित है - कथक

दुम्हल नृत्य शैली का संबंध है - जम्मूएवं कश्मीर से

नृत्य शैली 'छरही' की उत्पत्ति हुई है - हिमाचल प्रदेश से

माथुरी लोक नृत्य प्रचलित है - तेलंगाना में

नट पूजा, बिहू और चोंगली लोक नृत्य हैं- असम के

मध्य प्रदेश के निमाड़ क्षेत्र का एक लोकप्रिय लोक नृत्य - काठी

छोलिया नृत्य का संबंध है - उत्तराखंड से

स्पाओ नृत्य है - लद्दाख का

चेराव (बांस नृत्य) सम्बंधित है - मिजोरम से

एक दक्षिण भारतीय शास्त्रीय नृत्य शैली जिसका अर्थहै 'कहानी-नाटक' - कथकली

भारतीय नृत्य शैली 'मणिपुरी' अधिकतर किस विषय पर आधारित है - कृष्ण-गोपियोंपर

तपाली और डगला लोक नृत्य है - छत्तीसगढ़ के

राउत नाचा एक प्रसिद्ध आदिवासी नृत्य है - छत्तीसगढ़ का

परिचकली एक लोकप्रिय लोक नृत्य है - लक्षद्वीप का

उत्तर प्रदेश का कजरी लोक नृत्य संबंधित है - वर्षा-ऋतुसे

मारुनी नृत्य का संबंध है - सिक्किम से

ओडिशा मेंयुवा लड़कोंद्वारा किए जानेवालेनृत्य संदर्भित है - 'गोटीपुआ' से

⬥ 'डोल्लूकुनिथा' (लोक नृत्य) है - कर्नाटक का

कलाकार एक बेलनाकार स्कर्टपहनतेहैंजिसे पोटिओई' कहा जाता है - मणिपुरी नृत्य में

त्रिभंग मुद्रा संबंधित है - ओडिसी नृत्य शैली से

लाहो नृत्य है - मेघालय का

Police Exams

झाली लोक नृत्य है - हिमाचल प्रदेश का

असम का देवधनीनृत्य सम्बंधित है - नाग देवी मनसा से

मयिलाट्टम (दक्षिण भारत का नृत्य) को जाना जाता है - मयूर नृत्य के नाम से

नटपूजा एक लोक नृत्य है - असम का

महरी नृत्य शैली एक नृत्य रूप है - ओडिसी नृत्य का

झारखण्ड का हुंटा नृत्य सम्बंधित है - संथाल आदिवासी समुदाय से

मणिपुरी नृत्य मेंअक्सर जीवन के दृश्योंको दर्शाया जाता है - भगवान कृष्ण के

⬥ 'मोहिनीअट्टम' का अर्थहै - मोहिनी (जादूगरनी) का नृत्य

डोल्लूकुनिथा, कर्नाटक का लोक नृत्य किया जाता है - भगवान शिव के लिए

⬥ 'तिप्पनी' एक प्रसिद्ध नृत्य है - गुजरात का

भरतनाट्यम मेंप्रयुक्त इशारोंको कहा जाता है - मुद्रा

चिदम्बरम मंदिर के गोपुरम मेंअनेक मुद्राएँहैं - भरतनाट्यम की

⬥ 'झोड़ा' नृत्य वसंत ऋतुके उत्सव के रूप मेंकिया जाता है - उत्तराखंड में

मोहिनीअट्टम नृत्य सेसम्बंधित हिंदूदेवता है - भगवान विष्णु

मोहिनीअट्टम नृत्य मेंप्रयुक्त वाद्ययंत्र है - एडक्का

कथावाचकोंका शास्त्रीय नृत्य है - कथक

सत्त्रिया नृत्य शैली की शुरुआत की गई थी - महापुरुष शंकरदेव द्वारा

कालबेलिया लोक नृत्य है - राजस्थान का

लोक नृत्य जो देवी दुर्गाऔर महिषासुर के बीच एक काल्पनिक संघर्षको दर्शाता है- डांडिया रास

सत्त्रिया नृत्य शैली प्रभावित है - बिहू नृत्य से

झारखंड का नृत्य जो मुख्य रूप सेखेती के मौसम मेंआदिवासी महिलाओंद्वारा किया जाता है - जननी झुमर

कुचिपुड़ी पर आधारित नृत्य नाटिका भामाकल्पम की रचना की गई थी - सिद्धेन्द्र योगी द्वारा

गरबा और डांडिया गुजरात के लोकप्रिय लोक नृत्य हैं ,जो कियेजातेहैं - नवरात्रि के दौरान

⬥ 'हाय-नृत्य' नामक नृत्य शैली का निर्माण किया गया था - उदय शंकर द्वारा

शरद ऋतुमें 'कुलियों' द्वारा किया जानेवाला असम का नृत्य है - झुमुर नृत्य

⬥ 'धीमसा' लोक नृत्य है - आंध्र प्रदेश का

लावणी लोकप्रिय नृत्य है - महाराष्ट्र का

टप्पूनृत्य किया जाता है - अरुणाचल प्रदेश में

⬥ 'कारागम' लोक नृत्य है - तमिलनाडुका

भड़म नृत्य लोकप्रिय है - भारिया जनजाति मे

⬥ 'सैला' एक लोक नृत्य हैजो बांस की डंडियोंसे किया जाता है - छत्तीसगढ़ में

⬥ 'अहिराई' लोक नृत्य है - मध्य प्रदेश के भारिया जनजाति का

⬥ 'फुगड़ी' लोक नृत्य है - गोवा का

⬥ 'फुगड़ी' किस महीनेमेंमनाया जाता है - भाद्रपद

⬥ 'फुगड़ी' लोक नृत्य मनाया जाता है - कोंकण क्षेत्र की महिलाओंद्वारा

भगोरिया नृत्य भीलोंद्वारा किया जाता है - मध्य प्रदेश में

चेराव नृत्य पारंपरिक बांस नृत्य है - मिज़ोरम का

यक्षगान एक पारंपरिक रंगमंच है, जिसका विकास हुआ है - कर्नाटक में

कुमाऊं नी जनजाति की मार्शल आर्टपरंपरा को दर्शानेवाला एक तलवार नृत्य है - छोलिया नृत्य

लेबांग बूमनी नृत्य एक फसल नृत्य है - त्रिपुरा का

अजी लामूलोक नृत्य है - अरुणाचल प्रदेश का

अजी लामूएक लोक नृत्य है, जो किया जाता है - मोनपा जनजाति द्वारा

चांग लो नृत्य चांग जनजाति द्वारा प्रस्तुत किया जाता है - नागालैंड मे

जागोई प्रसिद्ध नृत्य शैली है - मणिपुर की

⬥ 'लाहो' एक लोकप्रिय नृत्य है - मेघालय का

खरैती एक मार्शल नृत्य हैजो तलवारोंके साथ किया जाता है - हिमाचल प्रदेश में

चुटकी पारंपरिक नृत्य शैली है - सिक्किम की

⬥'खुल्लमलोक नृत्य है - मिजोरम का

हुरका बाउल प्रसिद्ध नृत्य है - उत्तराखंड का

देवी अम्बा किस नृत्य की अधिष्ठात्री देवी हैं - भवई नृत्य

⬥ 'ग्रिडा' लोक नृत्य है - मध्य प्रदेश का

भवई एक लोक नृत्य है - राजस्थान का

वह नृत्य जिसमेंनर्तक के सिर पर बर्तनोंको संतुलित करना शामिल है - भवई नृत्य

पाइका नृत्य एक आदिवासी समुदाय द्वारा प्रस्तुत किया जाता है - झारखंड मे

एक हाथ मेंतलवार और दूसरेहाथ मेंढाल पकड़कर किया जानेवाला लोक नृत्य है - पाइका नृत्य

मुंडारी नृत्य का संबंध है - झारखंड से

⬥ 'फाग' लोक नृत्य है - हरियाणा का

चाम मास्क नृत्य मनाया जाता है - भूटान में

धनगर पूजा नृत्य शैली है - गोवा की

गोटीपुआ एक लोक नृत्य है - ओडिशा का

छऊ नृत्य रूपोंको यूनेस्को की विरासत नृत्योंमें शामिल किया गया है - 2010 में

सुवा एक लोक नृत्य हैजिसका संबंध है - छत्तीसगढ़ से

सुवा लोक नृत्य करतेसमय महिलाएं किस पक्षी की तरह अभिनय करती हैं - तोता

⬥'पोनुंग' एक लोक नृत्य है, जिसका संबंध है - अरुणाचल प्रदेश से

डुम्हाल एक प्रसिद्ध लोक नृत्य है - जम्मूऔर कश्मीर की

⬥' मंडूक शब्दम, मेंढक की एक कहानी, प्रस्तुत की जाती है - कुचिपुड़ी नृत्य में

बागुरुम्बा एक समूह नृत्य हैजो किया जाता है - बोडो समुदाय के द्वारा

झिझिया प्रसिद्ध सांस्कृतिक नृत्य है - बिहार का

तमाशा एक लोक नाट्य है - महाराष्ट्र का

काराकट्टम एक पारंपरिक नृत्य है- तमिलनाडुका

मारुनी नृत्य नेपाली समुदाय का एक समूह नृत्य है - सिक्किम में

भगवान कृष्ण के दृश्योंका प्रदर्शन किया जाता है - मणिपुरी नृत्य में

जट-जटिन, बिदेसिया, झिझिया नृत्य शैली हैं - बिहार का

⬥ 'ज़ेलियांग' एक आदिवासी लोक नृत्य है - नागालैंड की

⬥ 'शोंडोल' एक नृत्य शैली है - लद्दाख का

होजागिरी नृत्य, रियांग समुदाय का एक आदिवासी नृत्य रूप है, जो सम्बंधित है -त्रिपुरा से

कुचिपुड़ी नृत्य की रचना की गई थी - सीदेन्द्र योगी द्वारा

घूमर एक पारंपरिक लोक नृत्य है - राजस्थान का

भरतनाट्यम की वंशावली प्राचीन नृत्य से मिलती है - सादिर अट्टम से

मुखोटा नृत्य आमतौर पर भगवान भूमितायल की पूजा के लिए किया जाता है - उत्तराखंड मे

कथक का वर्तमान स्वरूप प्रभावित है - मुगल परंपरा से

ढिमसा एक लोक नृत्य है - आंध्र प्रदेश का

ढिमसा एक आदिवासी नृत्य शैली है, जो प्रस्तुत की जाती है - पोरजा जाति की महिलाएं द्वारा

भांड पाथेर थिएटर मुख्य रूप सेएक परंपरा है - जम्मूऔर कश्मीर की

हल्लीसाका एक समूह नृत्य हैजो मूल रूप सेहै - गुजरात का

बिरहोर नृत्य एक आदिवासी लोक नृत्य है -झारखंड का

कड़सा नृत्य एक नृत्य शैली हैजो किया जाता है - 'कलश' को हाथ मेंलेकर

भूतड़ा कोला एक आध्यात्मिक लोक नृत्य है - कर्नाटक का

⬥ 'लेशलापटु' किसका नृत्य रूप है - नागालैंड

पोनुंग एक लोक नृत्य शैली है - अरुणाचल प्रदेश की

छऊ, कलारीपयट्टु, लाज़िम पारंपरिक नृत्य हैं - मार्शल आर्टके

चेराव एक पारंपरिक नृत्य शैली है - मिजोरम की

⬥ 'रऊफ' एक लोक नृत्य है, जिसका संबंध है - जम्मूऔर कश्मीर से

बयालता एक नृत्य शैली है - कर्नाटक की

झूलन एक लोक नृत्य शैली है - राजस्थान की

पोपिर एक नृत्य शैली है - अरुणाचल प्रदेश की

पंथी एक नृत्य शैली है - छत्तीसगढ़ का

धनगर नृत्य गोवा के चरवाहा समुदाय द्वारा किया जाता है -नवरात्र के दौरान

करमा एक नृत्य शैली है - झारखंड की

भारत के नाटी लोक नृत्य नेगिनीज बुक ऑफ वर्ल्डरिकॉर्ड्स मेंअपना नाम दर्जकराया है - 2015 मे

पुंग चोलम नृत्य रूप है - मणिपुर का

लाई हरोबा उत्सव एक भाग है - मणिपुरी नृत्य का

Defence Exams

गिद्दा एक लोक नृत्य शैली है - पंजाब का

तेराताली लोक नृत्य है - राजस्थान का

बिहू लोक नृत्य है - असम का

सोनल मानसिंह मशहूर - ओडिसी नर्तक हैं

जात्रा लोक रंगमंच है - पूर्वी भारत की

गैर या गेर एक लोक नृत्य शैली है - राजस्थान का

State PCS Exams

सागर के क्षेत्रीय क्षेत्रोंमेंदीपावली के अवसर पर प्रचलित लोक नृत्य है - मोनिया नृत्य

तुर्रा-कलंगी लोकनाट्य प्रसिद्ध है - निमाड़ क्षेत्र (मध्य प्रदेश) में

राजस्थान मेंअग्नि नृत्य किया जाता है - जसनाथी सिद्ध संप्रदाय द्वार