,संगीत वाद्ययंत्र
SSC Exams
⬥ पंडित राम नारायण प्रतिपादक हैं - सारंगी के
⬥ हर शंकर भट्टाचार्य प्रसिद्ध उस्ताद हैं - सितार के
⬥ नीरुस्वामी पिल्लई और राजरतनम पिल्लई प्रतिपादक हैं - नादस्वरम के
⬥ पंडित भजन सोपोरी, जिनकी मृत्यु 2022 मेंहुई थी, प्रसिद्ध थे - संतूर वादक
⬥ पंडित शिवकुमार शर्माका संबंध है - संतूर'वाद्ययंत्र से
⬥ उस्ताद अल्लाह रक्खा और उस्ताद जाकिर हुसैन का संबंध है - तबला से
⬥ एन राजम का संबंध है - वायलिन वाद्ययंत्र से
⬥ पंडित शिवकुमार शर्मानिपुण थे - संतूर वादन में
⬥ उस्ताद अकबर अली खान सम्बंधित हैं - सरोद वाद्ययंत्र से
⬥ आरके बीजापुरेवादक थे - हारमोनियम संगीत वाद्ययंत्र के
⬥ अरविन्द पारिख का संबंध है - सितार से
⬥ अमजद अली खान का संबंध है - सरोद से
⬥ डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम कौनसा संगीत वाद्ययंत्र बजातेथे - वीणा
⬥ बांसुरी वादक हरिप्रसाद चौरसिया की प्रसिद्ध उपाधि है - बांसुरी सम्राट
⬥ रामनाद वी राघवन का संबंध है - मृदंगम संगीत वाद्ययंत्र से
⬥ शहनाई वादक उस्ताद बिस्मिल्लाह खान को भारत रत्न से सम्मानित किया गया था - 2001 में
⬥ बुद्धदेव दास गुप्ता का संबंध है - सरोद से
⬥ तोताराम शर्माका संबंध है - पखावज से
⬥ उस्ताद विलायत खान का संबंध था - सितार से
⬥ वह संगीत वाद्ययंत्र जिसे 1947 मेंभारत की स्वतंत्रता की पूर्वसंध्या पर उस्ताद बिस्मिल्लाह खान नेबजाया था - शहनाई
⬥ वह वाद्य यंत्र जिसेशेख चिन्ना मौलाना बजातेथे - नादस्वरम्
⬥ उस्ताद अमजद अली खान नेसरोद को अपनाया था - रबाब से
⬥ अली अहमद हुसैन खान प्रतिपादक थे - शहनाई के
⬥ मोहिनीअट्टम नृत्य के प्रदर्शन मेंप्रयुक्त मुख्य ताल वाद्य है - एडक्का
⬥ पंडित शिव कुमार शर्माका संबंध था - संतूर से
⬥ इमरत खान का संबंध था- सितार और सुरबहार से
⬥ लक्ष्मीनारायण का संबंध था - वायलिन से
⬥ पंडित अनोखेलाल मिश्र का संबंध था - तबला से
⬥ मोही बहाउद्दीन डागर का संबंध हैं - रूद्र वीणा वादक से
⬥ द्वारम वेंकटस्वामी नायडूका संबंध हैं - वायलिन से
⬥ पंडित किशन महाराज का संबंध था - तबला से
⬥ अली अकबर खान का संबंध था - सरोद से
⬥ अन्नपूर्णादेवी का संबंध था - सुरबहार से
⬥ वीणा, सितार, ताम्बूरा, गिटार और वायलिन उदाहरण हैं - स्ट्रिंग वाद्य यंत्रोंके
⬥ येहुदी मेनुहिन का संबंध था - वायलिन से
⬥ रूद्र वीणा वादक जिन्हेंद्रुपद के खंडार स्कूल में विशेषज्ञता प्राप्त थी - उस्ताद असद अली खान
⬥ शिवमणि का संबंध है - ड्रम से
⬥ तानसेन (रामतनुपांडे) माहिर थे - रबाब वादन में
⬥ संगीत जो कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडुऔर केरल तक सीमित है - कर्नाटिक संगीत
⬥ 'कर्नाटक शैली संगीत' की उत्पत्ति का संबंध है - विजयनगर राजवंश से
⬥ फैयाज खान का संबंध है - तबला से
⬥ पंडित अयोध्या प्रसाद संबंधित थे - ताल वाद्ययंत्र (पखावज) से
⬥ ताल वाद्ययंत्र बजाए जातेहैं - प्रहार (आघात ) द्वारा
⬥ अरुणा साईराम, टी. एम. कृष्णा और गायत्री गिरीश का संबंध हैं -कर्नाटक शैली संगीत से
⬥ नंदिनी और रागिनी शंकर का संबंध हैं- वायलिन से
⬥ कुमारी कमला एक प्रमुख कलाकार हैं - वज़ुवूर नृत्य की
⬥ घन वाद्य हैं - ठोस वाद्य यंत्र
⬥ शहनाई एक रीड वाद्य यंत्र है - सात छिद्र वाला
⬥ नाट्यशास्त्र का संकलन किया गया - भरत मुनि द्वारा
⬥ तत्वाद्य है - तार युक्त वाद्य यन्त्र
⬥ बाँसुरी वाद्य अंतर्गत आतेहैं - सुषिर वाद्य के
⬥पंडित भवानी शंकर हैं - पखावज वादक
⬥ बिक्रम घोष एक संगीतकार और एक - तबला वादक भी हैं
⬥ उमयालपुरम के. शिवरामन हैं - मृदंगम वादक
⬥ राजीव तारानाथ (सरोद वादक) शिष्य हैं - अली अकबर खान के
⬥ पंडित आनंद गोपाल बंदोपाध्याय एक - तबला वादक थे
⬥ पद्म भूषण पुरस्कार विजेता उस्ताद साबरी खान थे - सारंगी वादक
⬥ बागेश्वरी क़मर हैं - शहनाई वादक
⬥ पंडित निखिल ज्योति घोष थे - तबला वादक
⬥ उस्ताद इमरत खान का संबंध था - सुरबहार से
⬥ विक्कूविनायकराम हैं - घटम्वादक
⬥ लालगुडी गोपाला अय्यर जयारमन वादक थे - वायलिन के
⬥ बंगश घरानेके हाफ़िज़ अली खान थे - सरोद वादक
⬥ पंडित स्वपन चौधरी का संबंध है - तबला से
⬥ जिया मोहिउद्दीन डागर थे - रूद्र वीणा वादक
⬥ बॉम्बेजयश्री हैं - कर्नाटक शैली गायक
⬥ एक बड़ा, संकीर्णमुंह वाला मिट्टी का बर्तन जिसका उपयोग ताल वाद्य यंत्र के रूप मेंकिया जाता है - घाटम (घटम्)
⬥ द्वारम वेंकटस्वामी नायडूथे - वायलिन वादक
⬥ मृदंगम, घटम्और तबला हैं - ताल वाद्य यंत्र
⬥ सरोद है - तार युक्त संगीत वाद्ययंत्र
⬥ शहनाई को जाना जाता है - मंगल वाद्य के नाम से
⬥ 'ध्रुपद शैली' सम्बंधित है - बिष्णुपुर घराना
⬥ धनुषाकार धनुष के साथ ऊर्ध्वाधर स्थिति में बजाया जानेवाला एक वाद्य यंत्र है - सारंगी
⬥'पोनूयोकसी' एक तलवार जैसा वाद्ययंत्र हैजिसका उपयोग औपचारिक नृत्योंके दौरान किया जाता है - अरुणाचल प्रदेश में
⬥ कमाइचा एक मुड़ी हुई बांसुरी हैजिसेमंगनियारों द्वारा वादन किया जाता है - पश्चिमी राजस्थान में
⬥ 'चिंकारा' एक तारयुक्त संगीत वाद्ययंत्र हैजो लोकप्रिय है - मध्य प्रदेश में
⬥ "पेना" बाइंडिंग यंत्र संबंधित है - मणिपुर से
⬥ राजस्थान राज्य का वाद्य यंत्र 'करताल' आता है - इडियोफ़ोन के अंतर्गत
⬥ एकतारा महाराष्ट्र मेंप्रयुक्त एकल तार युक्त संगीत वाद्ययंत्र, हैजिसेबनाया जाता है - बांस और तुम्बी द्वारा
⬥ 'खुआंग' एक पारंपरिक संगीत वाद्ययंत्र है - मिजोरम का
⬥ कर्नाटक शास्त्रीय संगीत मेंउपयोग की जानेवाली बोब्बिली वीणा/सरस्वती वीणा, बनायी जाती है - कटहल की लकड़ी की
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⬥ नाट्य शास्त्र मेंभरत मुनि नेसंगीत वाद्ययंत्रोंको वर्गीकृत किया है - 4 समूहोंमें
⬥ कर्नाटक संगीत मेंप्रयुक्त होनेवाला एक तारवाद्य है - मैंडोलिन
⬥ पारंपरिक रूप सेपुरुषोंद्वारा तानपुरा और पखावज के साथ प्रस्तुत की जानेवाली गायन शैली है - ध्रुपद
⬥ कं जीरा (एक दक्षिण भारतीय फ्रेम ड्रम) किसके गोलाकार फ्रेम सेबनाया जाता है - लकड़ी के
⬥ हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत मेंगिटार को एक वाद्य यंत्र के रूप मेंलोकप्रिय बनानेवालेप्रसिद्ध व्यक्ति थे - पंडित बृज भूषण काबरा
⬥ दादरा ताल नामक हिंदुस्तानी शास्त्रीय ताल में नाद की संख्या होती है - 6
⬥ मोहन वीणा (एक संशोधित हवाईयन गिटार) को हिंदुस्तानी स्लाइड गिटार के रूप मेंभी जाना जाता है, जिसेलोकप्रिय बनाया गया था - विश्व मोहन भट्ट द्वारा
⬥ पं. शिव कुमार शर्मा, तरूण भट्टाचार्यऔर भजन सोपोरी प्रतिपादक हैं - संतूर वाद्ययंत्र के
⬥ वी. बलसारा का संबंध है - पियानो वाद्ययंत्र से
⬥ टप्पा, ठुमरी और ध्रुपद शैलियाँहैं - हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत की
⬥ सितार, तबला और रबाब की उत्पत्ति हुई - इंडो-इस्लामिक में
⬥ शहनाई, सैक्सोफोन और तुरही हैं - पवन संगीत वाद्ययंत्र के प्रकार
⬥ पंडित रविशंकर, अनुष्का शंकर और उस्ताद विलायत खान प्रतिपादक हैं - सितार वाद्ययंत्र के
⬥ उत्तर भारतीय वाद्ययंत्र 'नगाड़ा ' का दक्षिण भारत मेंप्रतिरूप है - चेंडा
⬥ हरिप्रसाद चौरसिया और टी.आर. महालिंगम का संबंध हैं - बांसुरी वाद्ययंत्र से
⬥ तोताराम शर्माका संबंध हैं - पखावज वाद्ययंत्र से
⬥ किशन महाराज और उस्ताद साबिर खान का संबंध हैं - तबला वाद्ययंत्र से
⬥ एन. राजम, एल. सुब्रमण्यम, एम. एस. गोपालकृष्णन और कला रामनाथ का संबंध हैं - वायलिन वाद्ययंत्र से
⬥ संगीतकार उस्ताद बिस्मिल्लाह खान का संबंध है - शहनाई वाद्ययंत्र से
⬥ सेलो, वायलिन और बास एक प्रकार के हैं - तन्तुसंगीत वाद्ययंत्र Police Exams
⬥ अनंत आर कृष्णन प्रसिद्ध वादक हैं - मृदंगम के
⬥ पंडित अयोध्या प्रसाद संबंधित है - पखावज से
⬥ पालघाट मणि अय्यर का संबंध है - मृदंगम वाद्ययंत्र से
⬥ पुदुक्कोट्टई दक्षिणमूर्तिपिल्लई प्रसिद्ध वादक हैं - कं जीरा के
⬥ मुराद अली प्रसिद्ध वादक हैं - सारंगी के
⬥ लोक नृत्य 'लावणी' मेंप्रयुक्त वाद्य यंत्र है - ढोलक
⬥ पंडित एस. बलेश भजंत्री एक वादक हैं - शहनाई के
⬥ के वी प्रसाद और एस वी राजाराव का संबंध है - मृदंगम से
⬥ शिवनाथ मिश्रा (बनारस घराना) का संबंध है - सितार से
⬥ कराईकुडी आर मणि प्रसिद्ध वादक हैं - मृदंगम के
⬥ पालघाट रघुप्रसिद्ध वादक थे - मृदंगम के
⬥ उस्ताद सुल्तान खान का संबंध है - सारंगी वाद्ययंत्र से
⬥ भजन सोपोरी का संबंध है - संतूर वाद्ययंत्र से
⬥ अप्पा जलगांवकर का संबंध है - हारमोनियम वाद्ययंत्र से
⬥ उस्ताद बुन्दूखाँऔर संतोष मिश्रा का संबंध है - सारंगी से
⬥ प्रसिद्ध संगीतकार सत्यदेव पवार का संबंध है - वायलिन वाद्ययंत्र से
⬥ अन्नपूर्णादेवी का संबंध है - सुरबहार वाद्ययंत्र से
⬥ निखिल बनर्जी प्रसिद्ध वादक हैं - सितार के
⬥ टीएच विनायकराम का संबंध है- घटम वाद्ययंत्र से
⬥ अल्ला रक्खा खान का संबंध है- तबला वाद्ययंत्र से
⬥ टीआर महालिंगम का संबंध है- बांसुरी वाद्ययंत्र से
⬥ ओडिशा का 'ढेंका' एक - कॉर्डोफोन वाद्ययंत्र है
⬥ नाट्यशास्त्र मेंतारयुक्त वाद्ययंत्रोंको वर्णित किया जाता है - 'तत्वाद्य' के रूप में
⬥ सपेरोंद्वारा प्रयोग किया जानेवाला वाद्य यंत्र है - बीन
⬥ नाट्य शास्त्र के अनुसार इडियोफोन्स को कहा जाता है - घन वाद्य
⬥ अरविन्द पारिख का सम्बन्ध है- सितार वाद्ययंत्र से
⬥ 'दमाने' और 'हुल्की' लोकप्रिय पारंपरिक संगीत वाद्ययंत्र हैं - हिमाचल प्रदेश की
⬥ पंडित किशन महाराज का संबंध है - तबला वाद्ययंत्र से
⬥ सिक्किल माला चन्द्रशेखर का संबंध है - बांसुरी वाद्ययंत्र से
⬥ संगीतकार तुलसीदास बोरकर का संबंध हैं - हारमोनियम वाद्ययंत्र से
⬥ पंडित बुधादित्य मुखर्जी का संबंध है - सितार से
⬥ सरस्वती को किस वाद्ययंत्र की देवी माना जाता है - वीणा
⬥ भुंगल (तुरही के आकार का) संगीत वाद्ययंत्र बजाया जाता है - राजस्थान में
⬥ पंडित राम नारायण का संबंध है - वायलिन से
⬥ उस्ताद अली अकबर खान का संबंध है- सरोद से
⬥ 'बोब्बिली वीणा' एक प्रसिद्ध संगीत वाद्ययंत्र है - आंध्र प्रदेश का
⬥ तुम्बी भांगड़ा के दौरान बजाया जानेवाला एक लोक संगीत वाद्ययंत्र है -पंजाब में
⬥ बांस और लौकी का उपयोग करके बनाया गया एक तार वाला संगीत वाद्ययंत्र है - एकतार
⬥ 'माहुरी' एक पारंपरिक संगीत वाद्ययंत्र है - ओडिशा की
⬥ शिवकुमार शर्माका संबंध है - संतूर वाद्य यंत्र से
⬥ बिस्मिल्लाह खान का संबंध है - शहनाई वादन से Defence Exams
⬥ एक मुखीय वाद्ययंत्र जो बांस के एक ही टुकड़ेसे बना होता हैजिसका एक सिरा फटा होता है, कहलाता है - गोगोना
⬥ मृदंगम, ढोलक, तबला हैं - ताल वाद्ययंत्र
⬥ वीणा, सितार, रिबाब, बैंजो, मैंडोलिन, युकुलेले, और बौज़ौकी हैं - तार वाद्ययंत्र State PCS Exams
⬥ उस्ताद अल्लारखा कुरेशी नेलोकप्रिय बनाया - संगीत वाद्ययंत्र तबला को
⬥ पंडित रविशंकर को श्रेय दिया जाता है - प्रसिद्ध बैंड-द बीटल्स के साथ सहयोग करनेका
⬥ प्रभात सरमा को बांसुरी वादक के रूप मेंउनके योगदान के लिए संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार मिला - 2003 में
⬥ तल्विन सिंह का संबंध है - तबला से
⬥ उस्ताद असद अली खान (ध्रुपद के खंडारबानी शैली के लिए प्रसिद्ध) प्रतिपादक थे- रुद्र वीणा के