विविध 2

विविध

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महाभाष्य की रचना की थी - पतंजलि ने

बंगाल के पाल वंश का उत्तराधिकारी बना था सेन वंश

मिलिंद नेअपनी राजधानी स्थापित की थी - सियालकोट (पाकिस्तान) में

वातापी के चालुक्य, सहायक राजकुमार थे - कदम्ब राजवंश के

भरहुत और अमरावती स्तूप प्रसिद्ध हैं - बौद्ध रेलिंग और प्रवेश द्वार के लिए

अमरावती स्तूप (पलनाडु, आंध्र प्रदेश) की खोज की थी - कॉलिन मैकेंज़ी ने

भरहुत स्तूप (सतना, मध्य प्रदेश) की खोज की थी - अलेक्जेंडर कनिंघम ने

काठियावाड़ का जूनागढ़ शिलालेख संबंधित है - रुद्रदमन प्रथम से

भारत का सबसेप्राचीन किला है - कांगड़ा किला (हिमाचल प्रदेश)

बृहत्संहिता, जो खगोल विज्ञान का ग्रंथ है, लिखा गया था - वराहमिहिर द्वारा

मामल्लापुरम का तटवर्ती मंदिर बनवाया गया - पल्लवोंद्वारा

चाहमान वंश का वह शासक जिसनेअजमेर को अपनी राजधानी बनाया - अजयराज

⬥ "पृथ्वीराज रासो" के लेखक थे - चंद बरदाई

ध्रुवसेन द्वितीय का संबंध है - मैत्रक वंश से

बंगाल मेंसिद्धेश्वर महादेव मंदिर दर्शाता है - पाल राजवंश वास्तुकला को

⬥ 'मालविकाग्निमित्र' (5वींशताब्दी ईस्वी का एक नाटक) लिखा गया था - कालिदास के द्वारा

रावण फाड़ी गुफा और ऐहोल मेंदुर्गामंदिर किस वंश की स्थापत्य शैली का चित्रण है - चालुक्य वंश

⬥ 'अष्टाध्यायी', व्याकरण पर एक संस्कृत ग्रंथ है जिसके रचनाकार हैं - पाणिनि

पाणिनि संहिता मेंएक संस्कृत व्याकरण की समस्या हैजो मौजूद है - अष्टाध्यायी में

नोट:- अष्टाध्यायी में 2500 साल पुरानी संस्कृत व्याकरण समस्या का समाधान डॉ. ऋषि राजपोपत नेकिया है।

 

 

तारेके आकार के मंदिर बनाए गए थे - होयसल के शासन के दौरान

 

सांची स्तूप स्थित है - मध्य प्रदेश में

हिन्दूशाही साम्राज्य की राजधानी थी - वैहिन्द

गहड़वालोंका शासन था - कन्नौज क्षेत्र पर

अभिनय दर्पण स्रोत है - भरतनाट्यम के अध्ययन का

अलवार उपासक थे - वैष्णव धर्मके

⬥ 'राजतरंगिणी' पुस्तक किस बारेमेंहै - कश्मीर के इतिहास के बारेमें

अरब यात्री सुलेमान नेभारत का दौरा किया था - 9वींशताब्दी में

वह शासक जिसनेजैन विद्वान हेमचंद्र के प्रभाव में जैन धर्मस्वीकार किया - चालुक्य

विक्रमशिला की स्थापना की गई थी - पाल सम्राट धर्मपाल द्वारा

आल्हा और उदल थे - चंदेल राजपूत राज्य के

चंदेल राजपूत राज्य के संस्थापक थे - नन्नुक

पाल वंश के शासक मुख्य रूप सेसंरक्षक थे - बौद्ध धर्मके

मेगस्थनीज नेभारतीय समाज का वर्गीकरण किया था - सात वर्गों मे

विज्ञानेश्वर द्वारा लिखित पुस्तक "मिताक्षरा" संबंधित है - न्यायपालिका क्षेत्र से

नौवींसेग्यारहवींशताब्दी के दौरान बंगाल में मूर्तिकला की शैली को कहा जाता है - पाल शैली

अवंती के शासक प्रद्योत के इलाज के लिए बिम्बिसार नेएक राजचिकित्सक को भेजा था, जिसका नाम था - जीवक

तंजावुर शहर और उस शहर मेंदेवी निशुंभसुदिनी का मंदिर बनवाया था - विजयालय ने

शुंग वंश के संस्थापक थे - पुष्यमित्र

⬥ 'बुद्धचरित' की रचना करनेवालेकवि अश्वघोष रहतेथे - कनिष्क के दरबार में

मौर्योत्तर काल मेंरेशम मार्गपर नियंत्रण था - कुषाण वंश का

चरक को जाना जाता है - आयुर्वेद के जनक के रूप में

एक तमिल महाकाव्य, सिलाप्पादिकारम की रचना इलांगो नामक कवि नेकी थी - लगभग 1800 वर्षपूर्व

ह्वेनसांग के लगभग 50 वर्षबाद किस चीनी तीर्थयात्री नेभारत की यात्रा कि था ? - आई चिंग

कं दरिया महादेव मंदिर का निर्माण 999 . में करवाया गया था - चंदेल वंश द्वारा

⬥ 'अर्थशास्त्र' लिखा गया था - कौटिल्य द्वारा

वाकाटक वंश के संस्थापक थे - विंध्यशक्ति

सातवाहन साम्राज्य की स्थापना हुई थी - लगभग 2100 वर्षपूर्वमें

पल्लवोंके शिलालेखोंमेंसभा का उल्लेख है, जो एक बैठक थी - ब्राह्मण भुस्वामी (जमींदारों)की

कुषाण वंश की दूसरी राजधानी थी - मथुरा

पांड्योंकी राजधानी थी - मदुरै(मदुरई)

संगम काल के दौरान तमिल क्षेत्र में, भूमिहीन मजदूरोंको कहा जाता था - कडैसियार और अदिमई

सातवाहन एक शक्तिशाली राजवंश था - पश्चिमी भारत में

कनिष्क संबंधित था - कुषाण वंश से

राजनीति पर आधारित एक भारतीय ग्रंथ अर्थशास्त्र लिखा गया था - चाणक्य द्वारा

कुषाण शासकोंनेप्रेरित होकर देवपुत्र (ईश्वर का पुत्र) की उपाधि धारण की थी - चीनी शासकोंसे

इंडो-ग्रीक राजाओंनेप्राचीन भारत के किस भाग पर शासन किया था - उत्तर पश्चिम में

प्राचीन समुद्री व्यापार का साक्ष्य प्रदान करनेवाला प्राचीन स्थल गोट्टीप्रोलूस्थित है - आंध्र प्रदेश में

संगम साहित्य मेंतीन मुकुटधारी राजा (मुवेंटर) संबंधित हैं। - पाण्ड्य , चोल और चेर राजवंशोंसे

चालुक्य शासक विक्रमादित्य VI की जीवनी के लेखक है - बिल्हण

भारत मेंसबसेपहलेसोनेके सिक्के जारी किये गयेथे - कुषाण वंश द्वारा

राष्ट्रकूट वंश की स्थापना दन्तिदुर्ग (दन्तिवर्मन) ने की थी - 753 . में

सिकं दर नेभारत पर आक्रमण किया था - 326 ईसा पूर्वमें

नन्द वंश का प्रथम शासक था - महापद्म नन्द

हिरण्य-गर्भ (अनुष्ठान) का प्रदर्शन किया था - राजा दंतिदुर्गने

विक्रमशिला विश्वविद्यालय की स्थापना की गई थी - धर्मपाल द्वारा

वास्तुकला और मूर्तिकला की द्रविड़ शैली की शुरुआत की गई थी - पल्लवोंद्वारा

अभिज्ञानशाकुन्तलम्एक नाटक हैजिसके लेखक हैं - कालिदास

मेघदूतम् (गीत काव्य) के रचयिता हैं - कालिदास

महाबलीपुरम मंदिर का निर्माण किसके शासनकाल के दौरान किया गया था - पल्लव राजवंश के

मौर्यवंश के बाद मगध पर शासन किया था - शुंग राजवंश ने

 

दक्षिण भारत मेंमंदिर वास्तुकला की द्रविड़ शैली की शुरुआत करनेवाला पहला राजवंश था - पल्लव वंश

पाल राजा धर्मपाल का उत्तराधिकारी हुआ - उसका पुत्र देवपाल

रबातक शिलालेख के अनुसार कुषाण वंश का तीसरा शासक था - विमा कडफिसेस

कण्व को शुंगभृत्य कहा जाता है - पुराणोंमें

एक मौखरी राजा जिसनेमहाराजाधिराज की उपाधि धारण की थी - ईशानवर्मन

पुराण कस्सप नेकिस सिद्धांत का प्रचार किया - अक्रिय या अकर्मके

प्रसिद्ध कृति 'नाट्य शास्त्र' लिखी गई थी - भरत मुनि द्वारा

प्राचीन भारत मेंथानेश्वर सेशासन करनेवाला राजवंश था - पुष्यभूति

भुवनेश्वर मेंलिंगराज मंदिर का निर्माण किया गया था - सोमवंशी राजवंश के समय

वारंगल किलेका निर्माण किया गया था - काकतीय राजवंश के शासनकाल के दौरान

राष्ट्रकूट साम्राज्य के शासक, दंतिदुर्गका उत्तराधिकारी हुआ - कृष्ण प्रथम

⬥ 999 . में, कं दरिया महादेव मंदिर का निर्माण कराया गया था - राजा धंगदेव द्वारा (चंदेल वंश)

प्राचीन भारत में, ब्राह्मण को दी गई कर मुक्त भूमि को कहा जाता था - अग्रहार

ईरानी शासक डेरियस नेभारत के उत्तर-पश्चिमी क्षेत्रोंपर अधिकार किया था - 516 ईसा पूर्वमें

शूद्रक लेखक थे - मृच्छकटिकम नाटक के

पाणिनि की अष्टाध्यायी एक प्रसिद्ध कृति है - संस्कृत व्याकरण की

कौटिल्य के सप्तांग सिद्धांत में ''अमात्य'' का अर्थहै - मंत्री और अधिकारी

रुद्रदामन प्रथम नेसुदर्शन झील का जीर्णोद्धार करवाया था - काठियावाड़ (गुजरात) में

शुंग वंश का अंतिम शासक था - देवभूति

⬥ ‘हर्षचरितके रचयिता हैं - बाणभट्ट

राजशेखर दरबारी कवि थे - महेंद्रपाल प्रथम के

सातवाहन सर्वप्रथम भूमि अनुदान मेंदिए थे - ब्राह्मणोंको

महाबलीपुरम स्मारकोंका निर्माण किया गया था - पल्लव वंश की वास्तुकला में

ह्वेन त्सांग नेपल्लव राजधानी कांची का दौरा किया था - नरसिंहवर्मन-I के शासनकाल में

गौतमीपुत्र श्री शातकर्णी शासक था - सातवाहन वंश का

संगम साम्राज्य 'पांड्य' की राजधानी थी - मदुरै

रामपुरवा बैल (बुल) को अब रखा गया है - राष्ट्रपति भवन में

अंतिम पल्लव राजा थे - अपराजितवर्मन

रुद्रदामन एक प्रसिद्ध शासक था - शक वंश का

⬥ 999 . मेंकं दरिया महादेव मंदिर का निर्माण करवाया गया था - धंगदेव द्वारा

धंगदेव एक शासक थे - चंदेल वंश के

पाल शैली का प्रयोग मूर्तिकला के लिए किया जाता था - बंगाल और बिहार में

चालुक्य को उखाड़ फेंकनेके बाद, दंतिदुर्गनेएक अनुष्ठान किया जिसेशाब्दिक रूप सेकहा जाता है - स्वर्णगर्भ

चेर राजवंश का प्रतीक चिह्न था - धनुष और बाण

सांख्य दर्शन की स्थापना की गई थी - कपिल द्वारा

कुषाण नेउपाधि धारण की - देवपुत्र की

अमरावती कला विद्यालय का विकास हुआ था - सातवाहनोंके संरक्षण में

 

नेदुन्जेलियन द्वितीय पांड्य वंश का शासक था, जिसका संबंध था - दक्षिण भारत से

लगभग 2000 वर्षपूर्वकुषाणोंकी दूसरी राजधानी थी - मथुरा

संगम कविताओंमेंएक तमिल शब्द 'मुवेंद्र' का उल्लेख हैजिसका अर्थहै - तीन प्रमुख

चोल, चेर और पांड्य संबंधित है - संगम काल से

⬥ 'कम्माकारस' शब्द संबंधित है - भूमिहीन खेतिहर मजदूर

कनिष्क को कहा जाता था - द्वितीय अशोक

कांचीपुरम राजधानी थी - पल्लव वंश की

संगम साहित्य का संकलन करनेवालेकवियोंकी सभाएँहोती थीं - मदुरैशहर में

कदंब मयूरशर्मन नेएक राज्य स्थापित किया था - कर्नाटक में

शकोंका साम्राज्य कायम रहा था - लगभग 500 वर्षों तक

शकोंद्वारा शासित भारत का क्षेत्र - पश्चिमोत्तर एवं उत्तर

वाकाटकोंनेशासन किया - भारत के मध्य और पश्चिमी क्षेत्र पर

कुरान सर्वप्रथम भारत मेंव्यापारियोंऔर प्रवासियों द्वारा लाया गया था - सातवींशताब्दी में

चंद्र एवं सूर्यग्रहण की वैज्ञानिक व्याख्या दी गई थी - आर्यभट्ट द्वारा

दिन और रात पृथ्वी के अपनी धुरी पर घूर्णन के कारण होतेहै, यह कथन था - आर्यभट्ट का

मुवेंद्र का प्रयोग तीन राजवंश शासकोंके प्रमुखों के लिए किया जाता है - चोल, चेर और पांड्य

रविकीर्तिदरबारी कवि थे - चालुक्य वंश के

ऐहोल (कर्नाटक) मेंदुर्गामंदिर, समर्पित है - भगवान सूर्यको

ऐहोल क्षेत्र राजधानी थी - चालुक्योंकी

बृहत्संहिता के अनुसार, सेंट, माउथ परफ्यूम और बाथ पाउडर बनानेकी प्रक्रिया कहलाती है - गंधयुकली

पुराणोंऔर महाभारत का संकलन किया था - ऋषि व्यास ने

नगरम को व्यापारियोंके संगठन के रूप में भी जाना जाता था - पल्लवोंके अभिलेखोंमें

आर्यभटीयम् ग्रंथ लिखा गया था - आर्यभट्ट द्वारा

वासुदेव कण्व संस्थापक थे - कण्व वंश के

खजुराहो के मंदिरोंका निर्माण करवाया गया था - चंदेल वंश द्वारा

कदंब राजवंश एक प्राचीन शाही राजवंश था - आधुनिक कर्नाटक का

कन्नौज त्रिभुज (ट्राइएंगल) युद्ध लड़ेगए - पाल, प्रतिहार और राष्ट्रकूट के मध्य

अमोघवर्षनेकविराजमार्गकी रचना की थी - कन्नड़ भाषा में

धर्मपाल नेचक्रायुध को शासक बनाया -कन्नौज का

पाल वंश के राजा धर्मपाल नेपराजित किया - इंद्रायुध को

तानसेन शिष्य थे - हरिदास के

पांडुलिपियाँआमतौर पर लिखी जाती थीं - ताड़ के पत्तेपर

मुक्तेश्वर मंदिर स्थित है - ओडिशा में

राष्ट्रकूट राजा कृष्ण प्रथम के द्वारा चट्टान को काटकर बनवाया गया मंदिर था - एलोरा का कैलाश मंदिर

रानी रुद्रमादेवी थी - काकतीय राजवंश की

प्राचीन भारत मेंताम्रलिप्ति शहर प्रसिद्ध था - बंदरगाह के लिए

प्राचीन भारत में, एक मछली पकड़नेका उपनिवेश था जिसका उपयोग रोमनोंके साथ व्यापार के लिए बंदरगाह के रूप मेंकिया जाता था - अरिकामेडु

मेसोपोटामिया के लोग जिन पट्टिकाओंपर लिखते थेवेबनी होती थी - मिट्टी की

चरक का योगदान था - चिकित्सा क्षेत्र में

चरक द्वारा लिखी गई पुस्तक थी - चरक संहिता

वराहमिहिर एक प्राचीन भारतीय - गणितज्ञ - खगोलशास्त्री थे

पंच-सिद्धांतिका के लेखक थे - वराहमिहिर

श्रृंगवेरपुर मेंगंगा नदी के बाढ़ के पानी को प्रवाहित करनेके लिए एक जल संचयन प्रणाली थी - प्रथम शताब्दी ई.पूमें

निंगथौजा राजवंश का शासन था - मणिपुर में

एलिफेंटा गुफाएँमुख्य रूप सेसमर्पित हैं - भगवान शिव को

दक्षिण भारतीय वास्तुकला मेंहिंदूमंदिर के प्रवेश द्वार के स्मारकीय प्रवेश द्वार को कहतेथे। - गोपुरम या गोपुर

 

गोपुरम पाए जाते है - शिव मंदिर, चिदम्बरम में

⬥ 12वींशताब्दी ई. मेंओडिशा का सूर्यमंदिर बनवाया गया था - नरसिंह देव प्रथम द्वारा

अमुक्तमाल्यद शासन कला पर लिखी गई एक कृति है - कृष्णदेवराय द्वारा

वैशेषिक दर्शन का मूल पाठ लिखा गया था - कणाद द्वारा

मयनामती और गोपीचंद्र की कहानी एक हिस्सा है - नाथ साहित्य का

यशोविग्रह संस्थापक थे - गढ़वाल राजवंश के

यशोविग्रह, महीचंद्र और चंद्रदेव शासक थे - गढ़वाल वंश के

वशिष्क, वासुदेव और हुविष्क शासक थे - कुषाण वंश के

असम को पूर्वमेंजाना जाता था - प्राग्ज्योतिष नाम से

⬥ 'पद्मपाणि बोधिसत्व' नामक पेंटिंग पाई जाती है - अजंता की गुफा संख्या 1 में

वर्मन वंश के भास्करवर्मन नेशासन किया - कामरूप क्षेत्र में

⬥ 'तहकीक मा लिल - हिंद' पुस्तक लिखी गई है - अल-बिरूनी के द्वारा

उदयगिरि और खंडगिरि गुफाएँस्थित हैं - ओडिशा राज्य में

⬥ 'कथासरित्सागर' लिखा गया - सोमदेव द्वारा

अल्पकालिक राज्य कोलाथुनाडु, वल्लुवनाद और थेक्कुमकूर थे - केरल में

विक्रम संवत का प्रारम्भ माना जाता है- 57 .पू.से 
खजुराहो के मन्दिर उदाहरण हैं - नागर शैली

एलोरा का कैलाश मंदिर उदाहरण है - द्रविड़ शैली का

वास्तुकला की नागर शैली को जाना जाता है - उत्तर भारतीय शैली के रूप में

वास्तुकला की द्रविड़ शैली को जाना जाता है - दक्षिण भारतीय शैली के रूप में

अप्पार, सुंदरर और संबंदर थे - नयनार संत

Railway Exams

इस्लाम का संस्थापक माना जाता है - पैगंबर मुहम्मद को

ईसाई धर्मके पवित्र ग्रंथ का नाम है - बाइबिल

⬥ 'ओल्ड टेस्टामेंट' और 'न्यूटेस्टामेंट' भाग हैं - बाइबिल के

ईस्टर टोकरी संबंधित है - ईसाई धर्मसे

मुसलमानोंका पवित्र ग्रंथ है - कुरान

वेग्रंथ जिनमेंईसा मसीह के जीवन का विवरण मिलता हैं - गॉस्पेल

वैशेषिक प्रमुख दार्शनिक सम्प्रदाय है - हिन्दूधर्मका

पैगंबर मुहम्मद की बातेंया दिन-प्रतिदिन की शिक्षाओंको कहा जाता था - हदीस

ईसा मसीह का जन्म स्थान है - जेरूसलम मेंबेथलहम

भारत मेंईसाई धर्मलानेवालेप्रथम व्यक्ति थे - सेंट थॉमस

संगम साहित्य की रचना हुई है - तमिल भाषा में

इस्लाम को पैगंबर मुहम्मद द्वारा अरब मेंप्रचारित किया गया था - 7वींशताब्दी में

हिंदूधर्ममें, 'अद्वैत' सिद्धांत का प्रतिपादन किया गया था - आदि शंकराचार्यद्वारा

कार्तिकेय के जन्म के संदर्भपर आधारित कालिदास की कृति है - कुमारसंभव

माधव निदान 12वींशताब्दी मेंलिखा गया था - मध्वाचार्यद्वारा

माधव निदान में 69 अध्याय विशेष रूप से समर्पित है - रोगोंके निदान पर

⬥ 'विक्रमोर्वशीयम्' मेंपुरुरवा और उर्वशी के प्रेम की कहानी लिखी थी - कालिदास ने

कालिदास नेअपना काव्य मेघदूत लिखा था - संस्कृत भाषा में

मट (मथुरा के निकट) के एक मंदिर मेंकुषाण शासकोंकी विशाल प्रतिमाएँस्थापित की गई हैं - उत्तर प्रदेश में

गुणाढ्य की बृहत्कथा लिखी गई है - पैशाची भाषा में

महान साहित्यिक कृति 'मृच्छकटिक' लिखी गई थी - शूद्रक द्वारा

विशिष्टाद्वैत दर्शन के संस्थापक थे - रामानुजाचार्य

हम्पी मेंविरासत स्थलोंसेसंबंधित वास्तुकला की शैली है - द्रविड़ शैली

प्रारंभिक शिलालेखोंके लिए प्रयुक्त ब्राह्मी और खरोष्ठी लिपियोंको पढ़ा था - जेम्स प्रिंसेप ने

व्यक्ति के वजन के बराबर वस्तुदान करनेकी एक प्राचीन प्रथा थी - तुलाभार

अभिलेखोंके अध्ययन को कहा जाता है - इपीग्राफी

सिक्कोंके अध्ययन को कहा जाता है - न्यूमिस्मैटिक्स

वैशेषिक, न्याय, सांख्य, योग, पूर्वमीमांसा और वेदांत या उत्तर मीमांसा छह संप्रदाय हैं - भारतीय दर्शन के

⬥ 326 ईसा पूर्वमें सिकं दर नेभारत पर आक्रमण करनेके लिए सबसेपहलेकौन सी नदी पार की थी - सिंधु

⬥ ''हाइडेस्पीज के युद्ध' (326 ईसा पूर्व) मेंराजा पोरस पराजित हुए थे - सिकं दर द्वारा

⬥ 'हाइडेस्पीज का युद्ध' हुआ था - झेलम नदी के तट पर

⬥ 'दशकुमारचरितम' या 'दस राजकुमारोंकी कहानी' की रचना की थी - दण्डी ने

विविध विषयोंपर वैज्ञानिक जानकारी का संग्रह "बृहत्संहिता" लिखी गई है - वराहमिहिर द्वारा

⬥ 'मेघदूतम ' और 'अभिज्ञान शाकुं तलम' की रचना की थी - कालिदास ने

अपनेशासकोंके चित्रोंवालेसिक्के जारी करने वाला मूल भारतीय वंश था - सातवाहन वंश

⬥ 9वींशताब्दी मेंविक्रमशिला विश्वविद्यालय की स्थापना की थी - धर्मपाल ने

भीमबेटका के शैलाश्रय मानव जीवन के पुराने निशानोंके लिए प्रसिद्ध हैं-भारतीय उपमहाद्वीप में

⬥ 'किताब-उल-हिन्द' अल-बिरूनी द्वारा लिखी गई है - अरबी भाषा में

मोढेरा मेंसूर्यमंदिर का निर्माण किया गया था - चालुक्य (सोलंकी) राजवंश द्वारा

पदार्थके सबसेछोटेकण पर विचार करनेएवं इसे 'परमाणु' नाम देनेवालेप्राचीन भारतीय दार्शनिक थे - कणाद

प्रारंभिक भारतीय दार्शनिकोंनेपदार्थको वर्गीकृत किया - 5 मूल तत्वों(पंच तत्व) में

विक्रम संवत कैलेंडर 56.7 वर्षआगेहै - ग्रेगोरियन कैलेंडर से

आर्यभट्ट ने प्रमुख योगदान दिया - बीजगणित के क्षेत्र में

⬥ 'सुश्रुत संहिता' का संबंध है - चिकित्सा और शल्य चिकित्सा से

पुलकेशिन प्रथम और पुलकेशिन द्वितीय का संबंध था - चालुक्य वंश से

राजा सिंहविष्णुसंबंधित थे - पल्लव वंश से

भारतीय राष्ट्री य कैलेंडर आधारित है - शक संवत पर

प्राचीन भारतीय दर्शन जो तार्किक चिंतन की तकनीक मेंविश्वास करता था - न्याय

भारत का सबसेपुराना सिक्का था - पंचमार्क सिक्का

इंद्रप्रस्थ नामक दिल्ली के पहलेशहर की स्थापना की थी - पांडवोंने

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⬥ "सिद्धांत शिरोमणि" नामक प्राचीन ग्रंथ लिखा गया था - भास्कराचार्यद्वारा

कश्मीर के राजाओंके बारेमेंसंस्कृत काव्य राजतरंगिणी (राजाओंकी नदी) लिखी गई थी - कल्हण द्वारा

विक्रमशिला विश्वविद्यालय की स्थापना पाल राजा - धर्मपाल नेकी थी

विक्रमांकदेवचरित प्रशस्ति लिखी गई है - बिल्हण द्वारा

 

प्रसिद्ध दक्षिण भारतीय महाकाव्य "सिलप्पादिकारम" मूलतः लिखा गया था - तमिल भाषा में

संगम ग्रंथोंके अनुसार "उझावर" शब्द का अर्थहै - साधारण हलवाहे

⬥ 'शक' एक भारतीय शब्द हैजिसका उपयोग सीथियन नामक लोगोंके लिए किया जाता है, जो मूल रूप सेथे - मध्य एशिया के

एमोराइट , अक्काडियन, सुमेरियन भाषाएँथीं - मेसोपोटामिया की

हाथीगुम्फा शिलालेख उत्कीर्णहै - पालि भाषा में

मौर्योत्तर काल मेंदो प्रमुख आंतरिक स्थल मार्गथे - उत्तरापथ और दक्षिणापथ

⬥ "शिशुपाल वध" संस्कृत मेंलिखा गया था - माघ द्वारा

हम्पी के मंदिरोंऔर महलोंमेंमुख्य रूप सेदेखने को मिलती है - द्रविड़ वास्तुकला शैली

एक चीनी दार्शनिक और विद्वान जिन्होंनेअपनी शिक्षाओंमेंनैतिक मूल्योंके महत्व पर जोर दिया था - कन्फ्यूशियस

आठवींशताब्दी के मध्य में, राष्ट्रकूट शाशक दंतिदुर्गनेएक अनुष्ठान किया जिसेकहा जाता है - हिरण्य-गर्भयज्ञ

राष्ट्रकूट शासक जिसनेपाल वंश के धर्मपाल को हराया था - ध्रुव

हम्पी शहर का नाम किस स्थानीय मातृदेवी के नाम पर रखा गया था - पम्पा देवी

सोलंकी वंश के राजा भीमदेव प्रथम द्वारा निर्मित सूर्यमंदिर है - मोढेरा सूर्यमंदिर

प्रथम गुर्जर प्रतिहार शासक जिसनेअरब आक्रमणकारियोंको सफलतापूर्वक पराजित किया था - नागभट्ट प्रथम

रुद्रदमन सम्बंधित है - शक वंश से

भारत मेंबड़ेपैमानेपर स्वर्णसिक्के जारी करने वाला पहला शासक था - विम कडफिसेस (कुषाण वंश)

किस पर नियंत्रण पानेके लिए गुर्जर-प्रतिहार, राष्ट्रकूट एवं पाल वंश के मध्य त्रिपक्षीय संघर्षहुआ था - कन्नौज पर

⬥ 9वींऔर 13वींशताब्दी के बीच राजपूत वंश के 'चंदेल राजवंश' द्वारा शासित क्षेत्र था - बुंदेलखण्ड क्षेत्र

इलाहाबाद स्तंभ शिलालेख मेंहरिषेण द्वारा प्रयुक्त भाषा थी - संस्कृत

सातवाहन वंश के सातकर्णी प्रथम की राजधानी थी - प्रतिष्ठान (महाराष्ट्र)

प्राचीन भारत मेंदक्कन मेंसातवाहन साम्राज्य को मजबूत किया था - गौतमी पुत्र सातकर्णी ने

मालवा क्षेत्र मेंकिस राजपूत राजवंश की स्थापना 8वींशताब्दी मेंनागभट्ट प्रथम द्वारा की गई थी - गुर्जर-प्रतिहार

वल्लभी के मैत्रक वंश का संस्थापक था - भट्टारक

हर्यक वंश की स्थापना 543 ईसा पूर्वमेंकी गई थी - बिम्बिसार द्वारा

मध्य भारत में 950 से 1050 . के बीच खजुराहो के मंदिरोंका निर्माण करवाया गया था - चंदेल वंश द्वारा

कदंब राजवंश आधुनिक प्राचीन शाही राजवंश था - कर्नाटक का

नरसिंहवर्मन प्रथम, सिंहविष्णु, महेंद्रवर्मन प्रथम शासक थे - पल्लव वंश के

गुर्जर प्रतिहार वंश की स्थापना की थी - नागभट्ट ने

कन्नड़ भाषा मेंकविराजमार्गलिखा गया था - अमोघवर्षद्वारा

वल्लभी प्रकार की इमारतें, मंदिर वास्तुकला की किस शैली की एक प्रमुख उपशाखा है - नागर शैली की 
⬥ 11वींसदी मेंनिर्मित रानी की वाव नामक बावड़ी स्थित है - गुजरात में

विक्रमशिला विश्वविद्यालय का निर्माण हुआ था - पाल वंश के शासनकाल में

गंग वंश द्वारा निर्मित बाराबती किला स्थित है - ओडिशा में

उड़ीसा के गजपति साम्राज्य की स्थापना 1435 . मेंकी गई थी - कपिलेंद्र देव द्वारा

⬥ 13वींशताब्दी मेंगोलकुं डा किला का निर्माण किया गया था - काकतीय राजवंश के शासनकाल में

कं दरिया महादेव मंदिर का निर्माण करवाया था, - चंदेल राजा धंगदेव ने

अंतिम शुंग शासक की हत्या की थी - उसके मंत्री वासुदेव ने

कण्व वंश के संस्थापक थे - वासुदेव

एलिफेंटा गुफाओंमेंशैल चित्रों (रॉक आर्ट) का संग्रह है,जो संबंधित है - शिव संप्रदाय से

रामचरितम या रामपालचरित एक साहित्यिक कृति है - संध्याकर नंदी द्वारा रचित

नागर और द्रविड़ वास्तुकला शैलियोंके मिश्रण को कहा जाता है - वेसर शैली

पंडित सारंगदेव द्वारा लिखित 'संगीत रत्नाकर' में शामिल हैं - 7 अध्याय

चौथी सेनौवींशताब्दी के बीच कांचीपुरम राजधानी थी - पल्लव वंश की

अपने 5 वर्षीय पुत्र बीर नारायण की ओर सेशासन करनेवाली रानी दुर्गावती संबंधित थीं - गोंड जनजाति से

अश्वघोष दरबारी कवि थे - कनिष्क के

प्राचीन भारत मेंइलांगो द्वारा रचित प्रसिद्ध तमिल महाकाव्य है - शिलप्पादिकारम

भीमबेटका स्थल (मध्य प्रदेश) प्रसिद्ध है - शैलचित्रोंके लिए

चोल, चेर और पाण्ड्य राजवंश सम्बंधित हैं - दक्षिणी भारत से

जयदेव नेगीत गोविंद नामक कविता का संग्रह लिखा था - 12वींशताब्दी में

पाण्ड्य साम्राज्य की राजधानी मदुरै, स्थित थी - वैगई नदी के तट पर

विक्रमांकदेव चरित की रचना की गई थी, कश्मीरी कवि - बिल्हण द्वारा

विक्रमांकदेव चरित चालुक्य राजा - विक्रमादित्य के बारेमेंहै

भुवनेश्वर मेंप्रसिद्ध लिंगराज मंदिर का निर्माण करवाया था - राजा ययाति केशरी ने

प्राचीन भारत मेंवाकाटक वंश के संस्थापक थे - विन्ध्य शक्ति

 

⬥ ‘ममल्लानाम सेप्रसिद्ध नरसिंहवर्मन प्रथम, शासक था - पल्लव वंश का

एलोरा के कैलाशनाथ मंदिर निर्माण को संरक्षण प्रदान किया गया था, राष्ट्रकूट राजा - कृष्ण प्रथम द्वारा

शुंग वंश का संस्थापक था - पुष्यमित्र

प्राचीन भारत मेंव्यापारिक कारवां के नेता को कहा जाता था - सार्थवाह

आदिचनल्लूर पुरातात्विक स्थल स्थित है - तमिलनाडुमें

प्राचीन भारत की संस्कृति के संदर्भमें, 'पंचायतन' किस कला शैली को संदर्भित करता है - मंदिर वास्तुकला

⬥ 10वींसदी के अंत मेंदिद्दा नाम की महिला शासिका नेशासन किया था - कश्मीर पर

राजा रुद्रदामन का संबंध था - शक वंश से

वीरशैव, पाशुपथ, कपालिक हैं - शैव संप्रदाय के

किसी संरचना के निर्माण मेंएकल या अन्य पत्थरों के साथ मिलाकर उपयोग किया जानेवाला बड़ा पत्थर कहलाता है - मेगालिथिक

चालुक्य शासक कीर्तिवर्मन प्रथम का पूर्ववर्ती था - पुलकेशिन प्रथम

शरभपुरिया और सोमवंशी नामक राजवंशोंने शासन किया था - छत्तीसगढ़ में

निंगथौजा राजवंश नेकिस रियासत पर शासन किया था - मणिपुर

अतरंजीखेड़ा पुरातात्विक स्थल स्थित है - एटा (उत्तर प्रदेश) में

 

⬥ 12वींशताब्दी मेंवीरशैव परंपरा का उदय हुआ था, वर्तमान - कर्नाटक में

मार्कंडेश्वर मंदिर परिसर को जाना जाता है - विदर्भके खजुराहो के नाम से

दंतिदुर्गप्रमुख शासक था - राष्ट्रकूटोंका

⬥ 543 . मेंनिर्मित प्राचीन बादामी किलेका निर्माण करवाया गया था - पुलकेशिन प्रथम द्वारा

प्राचीन भारत मेंमोटेअनाज की खेती के साक्ष्य मिलेहैं - हल्लूर (कर्नाटक) से

प्राचीन भारत मेंदबाव शल्क (प्रेशर फ्लेकिं ग) तकनीक का उपयोग किया जाता था - पत्थर के औजार बनानेके लिए

भारत मेंकुषाण साम्राज्य की स्थापना की गई थी - कुजुला कडफिसेस द्वारा

गौतमीपुत्र सातकर्णी सातवाहन साम्राज्य का शासक था, जिसेजाना जाता था - अद्वितीय ब्राह्मण के नाम से

सबसेपहली ज्ञात कन्नड़ कविता 'कविराजमार्ग' लिखी गई थी - अमोघवर्षप्रथम द्वारा

बादामी गुफा मंदिरोंका निर्माण करवाया गया था - मंगलेश द्वारा

 

राजाओंद्वारा किया जानेवाला, घोड़ेसेसंबंधित प्राचीन अनुष्ठान था - अश्वमेध

चट्टान निर्मित प्रसिद्ध कैलाश मंदिर स्थित है - एलोरा में

रेशम मार्गकी स्थापना किसके शासनकाल के दौरान हुई थी - चीन के हान राजवंश के

भारतीयोंके लिए रेशम मार्ग (एशिया का व्यापार मार्ग) प्रारम्भ किया गया था - कनिष्क द्वारा

चाहमानोंनेदिल्ली और अजमेर के आस-पास के क्षेत्रोंपर शासन किया, जो बाद मेंकहलाए - चौहान

प्राचीन भारत मेंकुषाणोंकी दूसरी राजधानी थी - मथुरा

इतालवी यात्री मार्को पोलो नेकेरल का दौरा किया था - 13वींई

Defence Exams

कुषाण शासकोंद्वारा प्रक्षेपित रिश्तेदारी की धारणा किसके माध्यम सेसबसेअच्छी तरह सेस्पष्ट है - सिक्के और मूर्तियाँके

भारत की G20 प्रेसीडेंसी की थीम 'वसुधैव कुटुंबकम' याएक पृथ्वी-एक परिवार-एक भविष्य' ली गई है - महा उपनिषद से

महेंद्र वर्मा (7वींशताब्दी) नेसंगीत वाद्ययंत्रोंसे संबंधित शिलालेख की रचना की थी - कुडुमियामलाई में

प्रसिद्ध राजनीतिक ग्रंथ 'अमुक्तमाल्यदा' की भाषा है - तेलुगू

मिहिरभोज की ग्वालियर प्रशस्ति के लेखक थे - कक्कुक

कुमारिला भट्ट और प्रभाकर किस दर्शनशास्त्र के विद्यालय सेसंबंधित थे? - पूर्वमीमांसा

तोल्काप्पियम व्याकरण और काव्यशास्त्र की एक पुस्तक हैजो लिखी गई है - तमिल भाषा मे

⬥ 'दत्त घटोत्कच' नाटक लिखा गया था- महाकवि भास द्वारा

⬥ ‘मृच्छकटिक’, ‘विनवासवदत्त’, औरपद्मप्रभृतकनाटक लिखेथे - शूद्रक ने

⬥ 'किरातार्जुनीयम्' की रचयिता हैं - भारवि

⬥ 'रावणवध' के लेखक हैं - भट्टि

चार्वाक और लोकायत दर्शन के संस्थापक - बृहस्पति

धुर्त्तऔर सुशिक्षित उदाहरण हैं - चार्वाक दर्शनशास्त्र के

भास्कराचार्यकी 'लीलावती' का फारसी मेंअनुवाद किया गया था - अबुल फ़ैज़ी द्वारा

जहाँआरा द्वारा रचित शेख मुइनुद्दीन चिश्ती की जीवनी कहलाती है - मुनिस अल अरवाह

वह शासक जिसनेमैट्रोनॉमिक्स (मां सेप्राप्त नाम) के माध्यम सेपहचान की, उनका नाम था - सातवाहन

कलनविधि (ऐल्गोरिद्म) के गणितीय शास्त्र के नामकरण का श्रेय दिया जाता हैअरब वैज्ञानिक - अल-ख़्वारिज़्मी को

 

कुषाण शासकोंकी मूर्तियाँकिस शहर के निकट मिली हैं - मथुरा (उत्तर प्रदेश)

चरक संहिता की उत्पत्ति हुई थी - तीसरी सेदूसरी शताब्दी ईसा पूर्वमें

⬥ "हस्त्यआयुर्वेद" के रचयिता थे- पालकाप्य

कैलाशनाथ मंदिर का निर्माण पल्लव राजवंश द्वारा किया गया था - तमिलनाडुमें

भारतीय पुरातत्व के जनक - अलेक्जेंडर कनिंघम

भारत मेंप्रथम पुरातात्विक उपकरण की खोज करनेवालेरॉबर्टब्रूस फूटेएक - भूविज्ञानी थे

महाभाष्य का विषय है - व्याकरण

मनुस्मृति के टीकाकार थे - मेधातिथि

मनुस्मृति मेंसरस्वती और दृषद्वती के बीच के क्षेत्र को कहा गया है - ब्रह्मावर्त

वह संप्रदाय जो नियति की स्थायी प्रकृति मेंविश्वास करता था - आजीवक

आजीवक संप्रदाय के संस्थापक थे - मक्खलि गोशाल

सप्तपर्णी गुफा स्थित है - राजगृह में

सांख्य दर्शन का प्रतिपादन किया था - कपिल ने

योग दर्शन के प्रवर्तक हैं - पतंजलि

न्याय दर्शन के संस्थापक थे - गौतम

मीमांसा दर्शन के प्रवर्तक थे - जैमिनी

अपूर्वका सिद्धांत संबंधित है - मीमांसा से

आदिशंकर जिन्हेंबाद मेंशंकराचार्यके नाम से

जाना गया, उनका जन्म हुआ था - केरल में

वह संत जिन्होंनेअद्वैत वेदांत के दर्शन का प्रतिपादन किया था - शंकराचार्य

जोशीमठ, द्वारिका, पुरी, श्रृंगेरी मठोंकी स्थापना की गयी थी - शंकराचार्यद्वारा

रामानुज के अनुयायियोंको कहा जाता है - वैष्णव

रामानुजाचार्यका सम्बन्ध है - विशिष्टाद्वैतवाद से

महिला संत दयाबाई शिष्या थीं - संत चरणदास की

वारकरी संप्रदाय का मुख्य मठ (पीठ) स्थित है - पंढरपुर में

 

वीर शैव संप्रदाय' के संस्थापक थे - बसव / बसवेश्वर

State PCS Exams

मैथिली भाषा का विकास हुआ था - कर्णाट राजवंश के शासनकाल में

सुदर्शन झील (एक कृत्रिम जलाशय) की मरम्मत की - रुद्रदामन ने

देवगढ़ (झांसी) और गढ़वा (इलाहाबाद) महत्वपूर्ण अवशेष हैं - राष्ट्रकूट कला के

चरक संहिता विभाजित है - 120 अध्याय और 8 खंडोंमें

⬥ "विशिष्टाद्वैत" दर्शन सम्बंधित है - रामानुज से

⬥ "द्वैत" दर्शन संबंधित है - श्री माधवाचार्यसे

⬥ "द्वैताद्वैत" दर्शन सम्बंधित है - निम्बार्क से

⬥ "शुद्धाद्वैत" दर्शन सम्बंधित है - वल्लभाचार्यसे

चिंतामणि भट्ट के संस्कृत ग्रंथ 'सुका सप्तति' का

फारसी मेंअनुवाद किया गया और इसे 'तूतीनामा' शीर्षक दिया - ख्वाजा जिया-उद्दीन नखशाबी ने

सहसाधिपति का संबंध था - डकैती के मामलोंके अधिकारी से

तलार सम्बंधित थे - नाइट गार्ड्स के अधिकारी से

पट्टाकोला का संबंध था - ग्राम कर संग्रहकर्तासे

बालाधिप का संबंध था - गार्डऑफ ऑक्ट्रॉय से

एक अरब लेखक जिसनेकलचुरी शासक गांगेयदेव और उसकी राजधानी त्रिपुरी का वर्णन किया है - अल-बरूनी

⬥ 'ओंकारेश्वर' का प्राचीन नाम था - मांधाता

परंपरागत रूप सेअलवारोंऔर नयनारोंकी संख्या है - 12 और 63

विश्व का प्रथम विज्ञापन कहा जानेवाला अभिलेख है - दशपुर अभिलेख

एलोरा और एलीफेंटा के स्थल किस वंश से संबंधित है - राष्ट्रकूट वंश

चचनामा के अनुसार,छठी एवं सातवींशताब्दी में सिन्धुदेश की राजधानी थी - अरोड़

शिलालेख जो रेशम बुनकर संघ के बारेमें जानकारी देते हैं - दशपुर शिलालेख

चित्तौड़ का 'त्रिभुवन नारायण मंदिर' बनवाया गया था - परमार राजा भोज ने

अरब यात्री सुलेमान नेभारत का दौरा किया था, प्रतिहार राजा - भोज प्रथम के शासनकाल में

भरहुत का स्तूप एक उत्कृष्ट उदाहरण है - शुंग वास्तुकला का