पारंपरिक व्यंजन

पारंपरिक व्यंजन  

आंध्र प्रदेश: पुलिहोरा (चावल पकवान), पूथारेकुलु, पेसराट्टू(मूंग बीन डोसा), मेदुवड़ा, चेपा पुलुसु, गुट्टी वंकया कूरा, पालक पप्पू, गोंगुरा पचाड़ी, गोंगुरा अचार अंबाडी, बचाली कुरा और उप्पिंडी।

अरुणाचल प्रदेश: थुकपा, अपोंग, चुरा सब्जी, लुक्टर, पेहक, कोट पीठा, पिका पिला और मरुआ।

असम: दोई चिरा, असम लक्सा स्टॉक, पूरा हाह (भुनी हुई बत्तख), बाँघजोर लगोट कुकुरा, पानी हामुक, परोर मंगक्सो, पोलूया लेटा, खार, मसूर टेंगा और आलूपिटिका।

बिहार: कबाब, लिट्टी चोखा, सत्तूपराठा, कढ़ी बड़ी, मखाना खीर (दरभंगा क्षेत्र की विशेषता), सत्तू शरबत, ठेकुआ और सिलाओ खाजा।

छत्तीसगढ़: बोरेबासी, फरा, चीला, मुठिया, आमत (छत्तीसगढ़ के आदिवासियों का बैंबूशूट सूप), डुबकी कढ़ी, और बफौरी, खुरमी।

गोवा: बालचाओ, पोर्क सोरपोटेल, खतखते, चिकन ज़ाकुटी, चिकन कैफ्रेयल, और पोर्क विंदालू।

गुजरात: खांडवी, ढोकला, बारडोली की खिचड़ी, मेथी का थेपला, दाल ढोकली, उंधियु, खाखरा, घुघरा, खमण और हलवासन, जलेबी फाफड़ा ।

हरियाणा: बाजरे की खिचड़ी, बाजरा आलूकी रोटी, बेसन की मसाला रोटी, हरा धनिया छोलिया और बथुआ रायता।

हिमाचल प्रदेश: धाम, चना मदरा, बबरू, सिद्धू, अक्टोरी, भेय, छा गोश्त, आलू पलड़ा और तुड़किया भात।

झारखंड: धुस्का, कोयनार साग, लिट्टी-चोखा, रूगड़ा, और कुं दुरू की चटनी।

कर्नाटक: चाउ बाथ, नीर डोसा, मैसूर पाक, रागी मुद्दे और सोपिना सारू, बिसी बेलेबाथ, मद्दुर वड़ा, कूर्गपंडी करी, और धारवाड़ पेड़ा।

केरल: पुट्टूऔर कडाला करी, एरिसेरी, सद्या, अप्पम विद स्टू, नादान कोझी वरुथुऔर पज़म पोरी।

मध्य प्रदेश: दाल बाफला, पोहा, सीख कबाब, चक्की की शाक और मावा बाटी।

महाराष्ट्र: पूरन पोली, श्रीखंड, पुडाची वडी (सांबर वडी), कैरीची आमटी, मोदक, कोथिंबीर वड़ा, पंढरा रस्सा, पाव भाजी, थालीपीठ, और बोम्बिल।

मणिपुर: चामथोंग या कांगशोई, इरोम्बा, मोरोक मेटपा, सिंगजू, पाकनाम, आलु कांगमेत और नगा-थोंगबा, चक-हाओ खीर (कालेचावल का हलवा), नगारी (किण्वित मछली)

मेघालय: जादोह (खासी जनजाति), दोह-खलीह, पुमालोई, नाकाम बिची, तुंगरीमबाई, क्यात, मिनिल सोंगा और पुदोह।

मिजोरम: मीसा मच पूरा, पंच फोरन तारका, छम हान, बाई और सानपियाउ।

नागालैंड: ज़ुथो, बांस मेंमछली, बुशमीट, अकिनी, समथू (सेमा जनजाति), गैल्हो, और नागा पोर्क करी।

ओडिशा: चुंगडी मलाई, माछा घंटा, दालमा, पाखला भाटा, गुपचुप, छेना पोड़ा, रसबली और कोरा खाई।

पंजाब: छोलेभटूरे, राजमा चावल, सरसो का साग और मक्के दी रोटी, कड़ा प्रसाद, और पिन्नी।

राजस्थान: दाल बाटी चूरमा, लाल मास, मावा कचौरी और दिल खुशाल।

सिक्किम: फागशापा, शा फले, गुंड्रुक, सिंकी, किनेमा, दाल भात और ढिंडो।

तमिलनाडु: परुप्पुपायसम, पोलाची नंदू फ्राई, बनाना बोंडा, और झींगा कुझाम्बु।

तेलंगाना: गटुका, सर्वा पिंडी, चकिनालु या सकीनालु, पछी पुलुसु।

त्रिपुरा: मुया अवंड्रू, मुई बोरोक, कोसोई बत्वी, मुया बाई, मोसडेंग सेरमा, भंगुई, चिरेदोई आम और टोहन मोसडेंग।

उत्तराखंड: काफुली, गढ़वाल-फा-फन्नाह, फाणु, बाड़ी, कुमाऊं नी।

उत्तर प्रदेश: बाटी चोखा, पेठा (आगरा), पेड़ा (मथुरा)

पश्चिम बंगाल: आलूपोस्टो, लूची - आलूर डोम, कोशा मंगशो, कीमर दोई बोरा, शुक्तो आदि।

जम्मूऔर कश्मीर: यखनी, खट्टा मांस, चमन, गुश्ताबा।

पड़ोसी देशोंके पारंपरिक

व्यंजन/खाद्य पदार्थ

चीन: पेकिं ग रोस्टेड डक (बीजिंग), लिंग-हु-फेन (हांगकांग)

श्रीलंका: किरीबाथ, कोकिस, कूल, लैम्प्रेस, कुजंबु।

भूटान: एमा दत्शी, गोंडोमारू, खाब्ज़ेय, पान का पत्ता (डोमा पानी)